हजरत अली की शहादत की याद में 19वीं रमजान को रोजा-ए-काजमैन की मस्जिद-ए-कूफा से सुबह फज्र की नमाज के बाद गिलीम के ताबूत का जुलूस निकाला गया। हजरत अली की शहादत की याद में बुधवार से ही पुराने शहर में मजलिस व मातम का दौर शुरू हुआ। मजलिस व मातम का यह सिलसिला 21वीं रमजान को ताबूत के जुलूस के साथ संपन्न होगा। वहीं 21वीं रमजान पर ताबूत का जुलूस शबीह-ए-नजफ रुस्तम नगर से निकाला जाएगा, जो करबला तालकटोरा में पूरा होगा।