झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी ऑडिटोरियम में आयोजित 31वें दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। इस मौके पर ऑडिटोरियम के बाहर विवि के कई विभागों समेत इंक्यूबेशन सेंटर के स्टार्टअप ने भी अपना स्टॉल लगाया था। सभागार में प्रवेश से पहले कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने इन स्टॉलों का अवलोकन भी किया। इन्हीं में से राशि दुबे का सराहना स्टार्टअप स्टॉल भी शामिल है। वह बताती हैं कि इस स्टार्टअप में वह हस्तनिर्मित और कुछ हैंडलूम उत्पाद बनाती हैं। इसमें कच्चे माल से अंतिम उत्पाद तक बुंदेलखंड का ही है। इसमें करीब 90 फीसदी महिला कर्मचारी हैं। अपने स्टार्टअप के बारे में बताते हुए वह कहती हैं कि यह भारतीय आर्ट फॉर्म को विदेशों में बहुत सराहा जाता है। लेकिन, उन्हें इससे बने उत्पादों में कुछ नया चाहिए होता है। इसके लिए उन्होंने प्राचीन कला और आधुनिकता को समावेशित करने का प्रयास किया है। ताकि, यह अच्छा भी लगे और हमारी भारतीय कला को भी प्रोत्साहन मिले। उदाहरण के तौर पर लिपन गुजरात के कच्छ की कला है। लेकिन, लंबे समय तक इसको सही-सलामत बनाए रखने के लिए रेसिन जोड़ा। इसको सुंदर बनाने के लिए पेस्टल रंग आदि भी जोड़ दिए। फिलहाल अभी बुंदेलखंड की चितेरी कला पर काम कर रहे हैं। इसके लिए केंद्र में चितेरी चित्र और किनारे-किनारे प्राथमिक रंगों से सजाया है। इसके अलावा रानीपुर के खादी कपड़े से डिजाइनर कपड़े बना रही हैं। उन्होंने बताया कि कपड़े से लेकर सिलाई तक का काम पूरा काम बुंदेलखंड में ही होता है। इसके लिए बीयू के गेट नंबर तीन पर बेसिक इंक्यूबेशन सेंटर पर संपर्क कर सकते हैं। ब्यूरो