संभल के जुनावई के गांव हरगोविंदपुर में शनिवार की दोपहर तक गांव में सन्नाटा पसरा रहा, इस खामोशी को परिजनों की सिसकियां तोड़ रही थीं। जब पांच शव एक साथ गांव पहुंचे, तो चीत्कार मच गई। इन शवों में दूल्हा सूरज, उनकी बहन कोमल, चाची आशा, चचेरी बहन एश्वर्या और कार चालक रवि का शव शामिल था।
असदपुर घाट पर इन पांचों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं दूसरी ओर बुलंदशहर के गांव हिंगवाड़ा निवासी दंपती सचिन, उनकी पत्नी मधु और खुर्जा निवासी देवा के दो वर्षीय बेटे गणेश का शव उनके परिजन गांव ले गए। अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस प्रशासन के अधिकारी व फोर्स एहतियाती तौर पर मुस्तैद दिखाई दी। पीड़ित परिवारों को अधिकारियों ने हर संभव मदद किए जाने का भरोसा दिलाया है। शुक्रवार की शाम सूरज की बरात बदायूं की तहसील बिल्सी के गांव सिरसौल के लिए रवाना हुई थी।