जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने आरक्षण की मांग को लेकर एक बार फिर आंदोलन की चेतावनी दी है। आंदोलन की रूपरेखा के लिए विधानसभा चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब समेत पांच प्रदेशों में होने वाली पंचायतें आयोजित की जाएंगी। जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने केंद्र और हरियाणा की बीजेपी सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया और मांग की, कि जाट आंदोलन के दौरान दर्ज मामले वापस लिए जाएं।