दिल्ली के बाद पंजाब में सत्ता हासिल कर चुकी आम आदमी पार्टी की निगाहें अब गुजरात, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा पर है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक तरफ जहां संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं तो दूसरी तरफ वह बीजेपी विरोधी वोटरों को एकजुट करके अपनी ओर लाने की कोशिश में हैं। यह बात तो तय है कि, जहां-जहां भी कांग्रेस हारी है वहां-वहां पर आम आदमी पार्टी मजबूत हुए हैं यदि कांग्रेस गुजरात में बुरी तरह से हार रही है और हरियाणा में भी बुरी तरह से हार रही है तो यह तय है कि इसका सीधा फायदा अरविंद केजरीवाल को मिलेगा, क्योंकि कोई तीसरी ताकत यहां पर दिखाई नहीं देती है, जो सीधे बीजेपी को टक्कर दे पाएं।