पुलिस के भी यह एक बड़ी पहेली थी. हालांकि पुलिस ने 24 घंटे में ही इस हाइप्रोफाइल हिट एंड रन केस को सुलझाते हुए आरोपी अमृतपाल सिंह ढिल्लों को गिरफ्तार कर लिया है. तो चलिये जानते हैं कि यह हादसा कैसे हुआ? फौजा सिंह को टक्कर मारकर वह भाग क्यों गया था? और पुलिस ने उसे कैसे पकड़ा? अमृतपाल सिंह ढिल्लों भारतीय मूल का एनआरआई है. 30 वर्षीय अमृतपाल हाल ही में कनाडा से पंजाब लौटा था. पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले वह कपूरथला जिले के एक गांव में रह रहा था. पुलिस के अनुसार, अमृतपाल एक व्यवसायी है, जिसने कनाडा में कई तरह के कारोबार में हाथ आजमाए. कनाडा में लंबा समय बिताने के बाद करीब दो साल पहले ही वह भारत आया था.
अमृतपाल की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने एक अन्य व्यक्ति वरिंदर सिंह को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था. उसके नाम पर हादसे में शामिल फॉर्च्यूनर कार रजिस्टर्ड थी. वरिंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि उसने दो साल पहले अपनी टोयोटा फॉर्च्यूनर कार अमृतपाल को बेच दी थी. इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने अमृतपाल को ट्रैक किया और उसे गिरफ्तार कर लिया. ‘टर्बन टॉरनेडो’ के नाम से मशहूर 114 वर्षीय फौजा सिंह 14 जुलाई को जालंधर में अपनी पुश्तैनी गांव में रोजाना की सैर पर निकले थे. तभी सड़क पर एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया.