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West Bengal Election 2026: हुमायूं कबीर के कथित वायरल वीडियो पर बंगाल में बवाल,TMC ने खोला मोर्चा!

Fri, 10 Apr 2026 03:45 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने AJUP संस्थापक हुमायूं कबीर के वायरल वीडियो पर कहा, "हमें वीडियो के बारे में कुछ पता नहीं है.हमारे पास हुमायूं कबीर को लेकर चिंता करने का विषय नहीं है और न ही हमारे पास समय है। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी लड़ाई है। हुमायूं कबीर क्या करेंगे ये हुमायूं कबीर का विषय है

 भाजपा सांसद राजू बिष्ट ने कहा, "हुमायूँ कबीर TMC की उपज हैं हुमायूँ कबीर ममता बनर्जी की टीम-B है.एक मुख्यमंत्री को कहना पड़ रहा है कि भाजपा आएगी तो मछली बंद हो जाएगी। उनको पता चल गया है कि उनका जाना तय है। पहली बार दिख रहा है कि ममता बनर्जी की धड़कन बढ़ी हुई है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में हाल ही में उस समय हलचल तेज हो गई जब Humayun Kabir से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। इस वीडियो को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। विपक्षी दलों ने इस वीडियो को लेकर All India Trinamool Congress (टीएमसी) पर निशाना साधा, वहीं टीएमसी ने इसे साजिश करार देते हुए मोर्चा खोल दिया। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह वीडियो पूरी तरह से भ्रामक है और इसे राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से फैलाया जा रहा है।

टीएमसी ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि वे इस मुद्दे की गहन जांच की मांग करेंगे और जो भी इसके पीछे जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने मीडिया के सामने आकर स्पष्ट किया कि इस तरह के वीडियो के जरिए पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उनका आरोप है कि विपक्ष जानबूझकर इस मुद्दे को तूल दे रहा है ताकि जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से हटाया जा सके।

दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए पारदर्शिता की मांग की है। उनका कहना है कि अगर वीडियो असली है, तो संबंधित नेता के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, और यदि यह फर्जी है, तो इसे फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है। इस पूरे घटनाक्रम के चलते राज्य में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है और समर्थकों के बीच भी बहस छिड़ गई है।

सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा काफी चर्चा में है, जहां लोग वीडियो की सत्यता को लेकर अलग-अलग राय दे रहे हैं। कुछ लोग इसे फर्जी बता रहे हैं, तो कुछ इसे गंभीर मामला मानते हुए जांच की मांग कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न उत्पन्न हो।

कुल मिलाकर, यह मामला केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। आने वाले समय में जांच के परिणाम और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस पूरे विवाद की दिशा तय करेंगी।

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