मुंबई में ना जाने हर साल लोकल ट्रनों के नीचे दबकर कितने लोगों की मौत हो जाती है। ना जाने लोकल ट्रेन के सामने कितने हादसे होते हैं लेकिन जब किसी की सलामती की जिम्मेदारी सीधे ऊपरवाले ने ही उठा रखी हो तो उसके ऊपर से ट्रेन भी निकल जाए तब भी उसे कुछ नहीं होता।