अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में हुई गोलीबारी की घटना के बाद ट्रंप प्रशासन ने अप्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई को बेहद सख्त कर दिया है। शुक्रवार से अमेरिका में अफगान नागरिकों को वीजा जारी करने पर रोक लगा दी गई है, साथ ही देशभर में सभी शरण संबंधी निर्णय भी तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिए गए हैं। इस कदम से अमेरिका में रह रहे हजारों अप्रवासी और ग्रीन कार्ड धारकों में भय और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप के विदेश विभाग ने अफगानिस्तान के सभी नागरिकों को वीजा जारी करने पर रोक लगा दी है। अमेरिका के लिए अब अपने देश और अपने लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है।”
रुबियो के इस बयान के साथ ही यह साफ हो गया कि वॉशिंगटन में हुई गोलीबारी ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है और ट्रंप प्रशासन अब हर प्रवासी की गतिविधि को बारीकी से जांचने के मूड में है।
विदेश विभाग के फैसले के तुरंत बाद अमेरिकी अप्रवासन विभाग (U.S. Citizenship and Immigration Services) ने भी देशभर के दफ्तरों को निर्देश जारी किए हैं कि वे सभी शरण (Asylum) से जुड़े फैसलों को अगली सूचना तक रोक दें। निर्देशों में साफ कहा गया है कि अफगान नागरिकों के वीजा और शरण आवेदनों पर कोई भी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
अप्रवासन विभाग के निदेशक जोसेफ एल्डो ने पहले ही पुष्टि की थी कि अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अफगान नागरिकों को वीजा न दें, जब तक कि अमेरिका में मौजूद हर अफगान नागरिक की विस्तृत सुरक्षा जांच पूरी न हो जाए।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत बुधवार को तब हुई, जब वॉशिंगटन डीसी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में गोलीबारी हुई। इस हमले में नेशनल गार्ड्स की एक महिला सैनिक की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल है।
जांच में सामने आया कि आरोपी रहमानुल्ला लकनवाल अफगान मूल का नागरिक है, जो 2021 में अमेरिका आया था। उसे इसी वर्ष अमेरिका में शरण (Asylum) दी गई थी।
अफगान नागरिक का इस मामले में शामिल होना ट्रंप प्रशासन के लिए एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बन गया है, जिसके बाद वीजा और शरण प्रक्रियाओं को तुरंत रोकने का फैसला लिया गया।
ट्रंप प्रशासन ने सिर्फ अफगानिस्तान तक ही कार्रवाई नहीं रोकी है। राष्ट्रपति ने अप्रवासन अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे 19 देशों के ग्रीन कार्ड धारकों के दस्तावेजों की सघन जांच करें। इन देशों में शामिल हैं- अफगानिस्तान, बर्मा, चाड, कांगो गणतंत्र, इक्वेटोरियल गिनी, एरीट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान, यमन, बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला।
इन देशों के नागरिकों के दस्तावेजों की जांच के आदेश के बाद ग्रीन कार्ड धारकों में भी दहशत का माहौल है।
वॉशिंगटन गोलीकांड ने ट्रंप प्रशासन को सुरक्षा नीति पर कड़ा रुख अपनाने के लिए प्रेरित किया है। अफगान वीजा रोकने से लेकर 19 देशों के ग्रीन कार्ड धारकों की दोबारा जांच यह सब संकेत देता है कि आने वाले दिनों में अमेरिका में अप्रवासन नीति और भी सख्त होने वाली है। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां इस समय देशभर में हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी तरह की चूक से बचने की कोशिश कर रही हैं।