कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने SIR के मुद्दे पर कहा, "SIR का राहुल गांधी ने बिहार में विरोध किया था। इससे आम वोटर अलर्ट हुआ है। पार्टियों में भी जागरूकता आई है। उन्होंने अपने BLA को लगाया... राजनीतिक कार्यकर्ताओं को भी देखना होगा कि उनके वोटर के नाम कटे तो नहीं। अभी जो समय मिला है उसमें हर नागरिक अपने अधिकारों को पहचानेगा।"
उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया के बाद निर्वाचन आयोग ने 6 जनवरी 2026 को पहली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (प्रारूप मतदाता सूची) आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाना था, जिसके तहत राज्य के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी छंटनी की गई है।
बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए: इस अभियान के बाद उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची से लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। यह कुल मतदाताओं का लगभग 18.7% (करीब हर पांचवां वोटर) है। पहले राज्य में कुल 15.44 करोड़ मतदाता थे, जो अब घटकर 12.55 करोड़ रह गए हैं।
लगभग 46.23 लाख मतदाताओं के नाम मृत्यु के कारण हटाए गए।करीब 2.17 करोड़ लोग ऐसे पाए गए जो या तो कहीं और शिफ्ट हो गए हैं या अपने पते पर नहीं मिले। 25.47 लाख नाम 'डुप्लीकेट' श्रेणी में थे, जो एक से अधिक जगहों पर दर्ज थे।
मतदाता सूची के पुनर्गठन के साथ-साथ राज्य में 15,030 नए पोलिंग बूथ भी बनाए गए हैं, ताकि मतदाताओं को मतदान में आसानी हो। यदि आपका नाम इस लिस्ट से हट गया है या आप नए मतदाता हैं, तो आपके पास सुधार का मौका है: 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक आप अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा। किसी जानकारी में सुधार के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जा सकता है। सभी सुधारों के बाद 6 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश की फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।
आप घर बैठे निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in या ceouttarpradesh.nic.in पर जाकर अपने 'EPIC नंबर' (वोटर आईडी कार्ड नंबर) या व्यक्तिगत विवरण के माध्यम से अपना नाम चेक कर सकते हैं। इसके अलावा, आप अपने क्षेत्रीय बीएलओ (BLO) से मिलकर भी लिस्ट देख सकते हैं।