उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है और मौसम विभाग ने 17 अगस्त 2026 को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। पूर्वानुमान के मुताबिक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश के साथ मेघगर्जन और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। 17 अगस्त को अंबेडकर नगर, अयोध्या, बदायूं, बहराइच, बाराबंकी, बरेली, बलरामपुर, बलिया, बस्ती, बिजनौर, गोंडा, गोरखपुर, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रतापगढ़, रामपुर, संभल, संत रविदास नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, श्रावस्ती, सुल्तानपुर और वाराणसी समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा अमेठी, अमरोहा, आजमगढ़, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, कानपुर देहात, कन्नौज, कौशांबी, लखनऊ, मऊ, मिर्जापुर, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, रायबरेली, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र और उन्नाव समेत कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने बारिश के दौरान कुछ स्थानों पर तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर फिसलन और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। वहीं, वज्रपात की आशंका को देखते हुए खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों या अन्य ऊंची संरचनाओं के पास खड़े होने से बचना जरूरी होगा। खराब मौसम के दौरान लोगों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जाती है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बारिश और आंधी के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना तथा बिजली गिरने की स्थिति में खुले स्थानों से तुरंत दूरी बनाना बेहद जरूरी है। मानसून की सक्रियता को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है।
मौसम विभाग की ओर से सोमवार के लिए प्रदेश के तराई व अन्य इलाके के 24 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 22 अन्य जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। साथ ही 56 जिलों में गरज चमक के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है।उत्तर प्रदेश में शनिवार और रविवार के दाैरान मानसून अपने पूरे रंग में नजर आया। राजधानी लखनऊ समेत, मध्यांचल और अवध क्षेत्र के साथ ही तराई इलाकों में अच्छी बारिश देखने को मिली। माैसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के असर से प्रदेश में मानसूनी सक्रियता बढ़ेगी और अगले चार पांच दिनों तक प्रदेश के विभिन्न इलाकों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी