UP Election 2027: बसपा के संस्थापक कांशीराम की जयंती यानी 15 मार्च को समाजवादी पार्टी पीडीए दिवस के रूप में मनाने जा रही है। अखिलेश यादव द्वारा पार्टी पदाधिकारियों को भेजे गए पत्र में इस दिन प्रदेश के सभी जिलों में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। इसे सपा के द्वारा दलित वोटों को अपने पाले में लामबंद करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
कहा जा रहा है कि, यदि अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव वाला करिश्मा दोहरा पाते हैं तो इससे प्रदेश के सियासी समीकरण बदल सकते हैं, लेकिन क्या नई परिस्थितियों में उनकी यह कोशिश कामयाब होगी? क्या मायावती के दुबारा मजबूती से चुनाव मैदान में उतरने के बीच सपा 2024 वाली सफलता दोहरा सकेगी?