अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चौंकाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद पहली यह स्वीकार किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को समाप्त करने में अमेरिका की भूमिका नहीं रही है। ट्रंप ने 6-7 मई की दरम्यानी रात भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के बाद 10 मई को थमी गोलाबारी का श्रेय पहली बार खुद नहीं लिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के नेताओं- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को इसका श्रेय मिलना चाहिए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पाकिस्तानी सेना के फील्ड मार्शल जनरल मुनीर के साथ लंच मीटिंग के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए यह टिप्पणी की।ट्रंप ने कहा, वे जनरल मुनीर से मिलकर 'सम्मानित' महसूस कर रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तानी सेना प्रमुख को युद्ध न करने का फैसला करने के लिए धन्यवाद भी दिया। उन्होंने बताया कि भारत और पाकिस्तान के दोनों 'बहुत ही स्मार्ट' नेता युद्ध आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लेने में सक्षम रहे। ट्रंप ने यह भी कहा कि दोनों देशों का टकराव परमाणु युद्ध में बदल सकता था क्योंकि दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान पहले की तुलना में इसलिए भी अलग है, क्योंकि उन्होंने भारत की तरफ से खंडन किए जाने के बावजूद कई बार यह दावा किया कि उन्होंने खुद हस्तक्षेप कर न केवल भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव घटाया बल्कि शांति स्थापित करने में अहम भूमिका भी निभाई। इससे पहले के बयानों में ट्रंप ने यह भी कहा था कि अमेरिका दोनों देशों के साथ व्यापार करेगा, बशर्ते वे संघर्ष को समाप्त करने को राजी हो जाएं।ट्रंप ने यह भी कहा कि वह भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ व्यापार समझौते पर काम कर रहे हैं। उन्होंने मोदी को 'शानदार इंसान' बताया और यह भी कहा कि उन्होंने ही युद्ध को रोका, हालांकि उन्होंने अफसोस जताया कि इस पर कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं आई।