पत्रकार रामचंद्र छत्रपति वो शख्स थे जो अंतिम सांस तक बाबा राम रहीम के काले कारनामों की पोल अपने अखबार में खोलते रहे। उन्होंने अपने अखबार में वो गुमनाम चिट्ठियां छापीं जिनकी वजह से आज राम रहीम जेल में हैं। पत्रकार की हत्या के मामले में राम रहीम दोषी करार दिया है।