देश के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने प्रेस काफ्रेंस बुलाकर पत्रकारों से बातचीत की। सुप्रीम कोर्ट में चल रही अनियमितताओं को लेकर उन्होंने अपना पक्ष रखा। चार सीटिंग जजों ने कहा कि इसके बारे में उन्होंने चीफ जस्टिस को चिट्ठी भी लिखी। उन्हें बहुत समझाया लेकिन कुछ नहीं हुआ। अगर आज वो नहीं बोले तो उनकी आत्मा उन्हें माफ नहीं करेगी। सुप्रीम कोर्ट को बचाया नहीं गया तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा।