लखनऊ में सोमवार सुबह से ही उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता विपक्ष माता प्रसाद पांडे के आवास के बाहर भारी पुलिस तैनाती की गई है। समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि मंडली आज बरेली जाएगा, जिसकी अगुवाई खुद माता प्रसाद पांडे करेंगे। पार्टी के नेताओं का कहना है कि प्रशासन उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है। वहीं पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रतिनिधिमंडलीय यात्रा के दौरान जनसमस्याओं को मंच पर उठाया जाएगा। उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडेय ने कहा, "मेरे नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल वहां (बरेली) जा रहा है। मुझे पुलिस ने नोटिस दिया था। इंस्पेक्टर ने कहा था कि मुझे घर पर ही रहना है और कहीं बाहर नहीं जाना है। अगर कलेक्टर ने लिखा होता, तो मैं मान लेता। फिर, बरेली डीएम का पत्र आया।
उन्होंने भी कहा कि आपके आने से यहां का माहौल खराब होगा, इसलिए आप यहां न आएं। अपनी कमियों को छिपाने के लिए वे हमें वहां नहीं जाने दे रहे हैं। अब हम अपने पार्टी के सदस्यों से बात करेंगे और उसके अनुसार निर्णय लेंगे।सपा की तरफ से जारी कार्यक्रम में कहा गया था कि 26 सितंबर को बरेली में जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समाज के लोग समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से जिलाधिकारी को ज्ञापन देने जा रहे थे। रास्ते में पुलिस और पीएसी ने उन पर लाठीचार्ज किया। इसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आठ अक्तूबर को लखनऊ से बरेली होते हुए रामपुर जाएंगे। वे बरेली में पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ ही लाठीचार्ज से प्रभावित मुस्लिम परिवारों से भी मिलेंगे। हालांकि, उससे पहले शनिवार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय की अगुवाई में सपा का 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बरेली पहुंचेगा। अखिलेश का 8 अक्तूबर को रामपुर जाने का कार्यक्रम पहले ही जारी हो चुका है।
वे वहां सपा नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां से मिलेंगे। सपा सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश सड़क मार्ग से सीतापुर होते हुए रामपुर जाएंगे। बीच में बरेली में कुछ देर रुककर अपनी पार्टी के नेताओं से मुलाकात करेंगे। हाल ही में वहां लाठीचार्ज से प्रभावित लोगों और उनके परिजनों से मिलकर घटना की जानकारी लेंगे।सपा की ओर से जारी विज्ञप्ति में जानकारी दी गई है कि नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, सपा सांसद हरेंद्र मलिक, इकरा हसन, जियाउर्रहमान बर्क, मोहिब्बुल्लाह व नीरज मौर्य और पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव व प्रवीण सिंह ऐरन 4 अक्तूबर को पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे। उनकी समस्याओं के निदान के लिए बरेली के डीआईजी और कमिश्नर से भी मिलेंगे।