कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पार्टी से नाराजगी और मतभेद की खबरों के बीच एक बार फिर साफ कर दिया है कि वे कांग्रेस छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं। थरूर ने दो टूक कहा कि उनकी केवल एक ही पार्टी है कांग्रेस, और आगामी केरल विधानसभा चुनाव में उनकी एकमात्र इच्छा कांग्रेस और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की जीत देखना है। इसके लिए वे खुद भी सक्रिय रूप से चुनाव प्रचार करेंगे।
तिरुवनंतपुरम में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए शशि थरूर ने कहा कि पिछले कुछ समय से उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर जो अटकलें लगाई जा रही हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा, “मेरी केवल एक ही पार्टी है और वह कांग्रेस है। कृपया यह सवाल बार-बार न पूछा जाए।” थरूर ने यह भी स्पष्ट किया कि केरल विधानसभा चुनाव उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और वे पूरी ताकत से पार्टी और गठबंधन के लिए काम करेंगे।
केरल चुनाव पर फोकस
शशि थरूर ने कहा कि उनकी प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ केरल विधानसभा चुनाव है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और UDF को जीत दिलाना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। पार्टी पिछले करीब दस वर्षों से केरल में सत्ता से बाहर है और इस बार कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ वापसी की कोशिश कर रही है। ऐसे में थरूर जैसे राष्ट्रीय स्तर के नेता का चुनावी मैदान में उतरना पार्टी के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
आलाकमान से मुलाकात के बाद बदला माहौल
गौरतलब है कि गुरुवार को शशि थरूर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी। यह मुलाकात उस वक्त हुई जब केरल कांग्रेस के भीतर थरूर को दरकिनार किए जाने की खबरें सामने आई थीं। कोच्चि में एक कार्यक्रम के दौरान उनके साथ हुए व्यवहार को लेकर भी थरूर के नाराज होने की चर्चाएं थीं।
हालांकि आलाकमान से बातचीत के बाद थरूर ने साफ किया कि अब सब कुछ ठीक है। उन्होंने कहा कि पार्टी एकजुट है और सभी नेता मिलकर केरल चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। इस बयान के साथ ही उन्होंने उन अटकलों पर भी विराम लगाने की कोशिश की, जिनमें उनके कांग्रेस छोड़ने या किसी अन्य राजनीतिक विकल्प की तलाश की बातें कही जा रही थीं।
कांग्रेस के लिए अहम हैं थरूर
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, शशि थरूर कांग्रेस के उन चेहरों में से हैं, जिनकी स्वीकार्यता पार्टी से बाहर भी है। उनकी अंतरराष्ट्रीय छवि, बौद्धिक पहचान और केरल में मजबूत पकड़ को देखते हुए पार्टी उन्हें चुनाव प्रचार में पूरी तरह इस्तेमाल करना चाहती है। ऐसे समय में थरूर का यह स्पष्ट बयान कांग्रेस नेतृत्व और कार्यकर्ताओं दोनों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
शशि थरूर ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि उनका राजनीतिक भविष्य कांग्रेस के साथ ही जुड़ा है और फिलहाल उनका पूरा ध्यान केरल विधानसभा चुनाव में पार्टी और UDF की जीत सुनिश्चित करने पर है।