जिस हथियार ने पाकिस्तान के फाइटर जेट्स को आसमान में ही ढेर कर दिया, जिस सिस्टम ने ऑपरेशन सिंदूर में भारत की हवाई सीमा को अभेद्य बना दिया, अब वही ताकत 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर देश के सामने होगी!
भारत की सैन्य ताकत और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमताओं का प्रतीक बन चुका एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम इस बार पहली बार गणतंत्र दिवस की परेड में देश के सामने होगा। 26 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ पर निकलने वाले डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स के विशेष टेबलो में एस-400 को प्रदर्शित किया जाएगा। यह वही मिसाइल डिफेंस सिस्टम है, जिसने पिछले साल पाकिस्तान के साथ हुए सैन्य टकराव के दौरान भारत की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई थी और जिसे सशस्त्र बलों ने “गेम-चेंजर” करार दिया है।
एयर कमोडोर मनीष सभरवाल ने पुष्टि की है कि एस-400 सिस्टम को पहली बार रिपब्लिक डे परेड में जनता के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। यह सिस्टम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान प्रभावी ढंग से तैनात किया गया था। इस सैन्य अभियान को अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में लॉन्च किया गया था, जिसमें आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह पहले ही यह खुलासा कर चुके हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एस-400 सिस्टम ने पाकिस्तान के पांच लड़ाकू विमानों को मार गिराया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सिस्टम ने 300 किलोमीटर से भी अधिक दूरी के भीतर पाकिस्तान के अंदर तक घुसकर दुश्मन के फाइटर जेट्स और एक जासूसी विमान को निशाना बनाया। यही वजह है कि एस-400 को भारत की एयर डिफेंस क्षमता में ऐतिहासिक बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है।
इस साल डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स “ट्राई-सर्विसेज टेबलो – ऑपरेशन सिंदूर” के जरिए थलसेना, वायुसेना और नौसेना के बीच मजबूत तालमेल और संयुक्त सैन्य अभियानों की सफलता को दर्शाएगा। यह टेबलो भारत की उस रणनीति को दिखाएगा, जिसमें तीनों सेनाएं मिलकर एकीकृत रूप से देश की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं।
परेड का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल भावनिश कुमार लगातार चौथी बार करेंगे। मेजर जनरल नवराज ढिल्लों ने बताया कि इस बार कुल 6,050 सैन्यकर्मी परेड में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, भारतीय सेना और रक्षा बलों के अत्याधुनिक सैन्य साजो-सामान भी परेड का हिस्सा होंगे। इनमें भैरव, शक्तिबाण, अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल (UGV) और एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम यानी एटीएजीएस शामिल हैं। यह सभी उपकरण भारत की बढ़ती स्वदेशी रक्षा क्षमता को दर्शाएंगे।
77वें गणतंत्र दिवस समारोह में कुल 30 टेबलो कर्तव्य पथ पर निकलेंगे। इनमें 17 टेबलो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के होंगे, जबकि 13 टेबलो विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की ओर से पेश किए जाएंगे। रक्षा मंत्रालय के अलावा संस्कृति मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और नौसेना सहित कई अहम विभाग अपने-अपने टेबलो के जरिए देश की सांस्कृतिक, सामरिक और तकनीकी ताकत को प्रदर्शित करेंगे।
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इस साल गणतंत्र दिवस समारोह की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है। इन थीम्स के जरिए एक ओर जहां राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने का उत्सव मनाया जाएगा, वहीं दूसरी ओर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में देश की तेज रफ्तार प्रगति को भी दर्शाया जाएगा।
राज्यों के टेबलो में असम का अशारिकांडी टेराकोटा क्राफ्ट विलेज, केरल का वॉटर मेट्रो और 100 प्रतिशत डिजिटल साक्षरता, महाराष्ट्र का गणेशोत्सव, नगालैंड का हॉर्नबिल फेस्टिवल और तमिलनाडु का ‘मंत्र ऑफ प्रॉस्पेरिटी’ जैसे विषय शामिल होंगे। संस्कृति मंत्रालय का टेबलो ‘वंदे मातरम् – द सोल क्राय ऑफ ए नेशन’ के जरिए भारत की आत्मा और सांस्कृतिक विरासत को सामने लाएगा।
एस-400 का इस भव्य परेड में शामिल होना सिर्फ एक सैन्य प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह दुनिया को यह संदेश भी है कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। ऑपरेशन सिंदूर में इसकी सफलता के बाद अब गणतंत्र दिवस पर इसका प्रदर्शन देशवासियों के लिए गर्व और भरोसे का प्रतीक बनकर सामने आएगा।