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Ram Mandir Chanda Chori Kand: चढ़ावा चोरी में किसे बचाया जा रहा? आठ लोगों पर FIR दर्ज | UP News

Fri, 26 Jun 2026 03:55 AM IST
Adarsh Jha अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में बड़ा कानूनी कदम उठाया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आखिरकार इस मामले में एफआईआर दर्ज करा दी है। एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज इस मुकदमे में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के ड्राइवर समेत आठ लोगों को नामजद किया गया है। एफआईआर के बाद तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि अब सभी की निगाहें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं।

राम मंदिर चढ़ावा मामले में करीब 20 दिन बाद ट्रस्ट की ओर से एफआईआर दर्ज होने के साथ जांच ने नया मोड़ ले लिया है। ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें चंपत राय के ड्राइवर सहित वे लोग शामिल हैं, जो चढ़ावे की गणना और आभूषणों के रखरखाव से जुड़े कार्यों में भूमिका निभाते रहे हैं।

एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद पुलिस ने टिन्नू, लवकुश और अनुकल्प को हिरासत में ले लिया। हालांकि इस मुकदमे में ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों या निर्माण समिति के शीर्ष अधिकारियों का नाम शामिल नहीं किया गया है। वहीं अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाए जाने से जांच का दायरा और व्यापक हो गया है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।

कानूनी जानकारों का कहना है कि जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, उनमें पुलिस आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई कर सकती है। फैजाबाद बार एसोसिएशन के पूर्व मंत्री गिरीश चंद्र तिवारी के अनुसार एफआईआर के बाद गिरफ्तारी और आगे की जांच की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी।

यह मामला पहली बार छह जून को सामने आया था, जिसके बाद प्रदेश सरकार ने निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। प्रारंभिक जांच में वित्तीय लेनदेन और चढ़ावे की व्यवस्था से जुड़े कई सवाल सामने आने के बाद ट्रस्ट ने कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए एफआईआर दर्ज कराई। इसे पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

अब सभी की नजरें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि अंतिम रिपोर्ट में कथित अनियमितताओं, वित्तीय प्रक्रियाओं और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका को लेकर विस्तृत तस्वीर सामने आएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय होगी।

एफआईआर दर्ज होने के बाद अयोध्या में भी इस कदम का स्वागत किया जा रहा है। संत समाज और स्थानीय लोगों का कहना है कि भगवान राम के मंदिर से जुड़े हर मामले में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। महंत विवेक आचारी ने कहा कि ट्रस्ट को यह कदम पहले ही उठा लेना चाहिए था। वहीं महंत डॉ. देवेशाचार्य ने उम्मीद जताई कि अंतिम रिपोर्ट से पूरे मामले का सच सामने आएगा। स्थानीय व्यापारी पंकज गुप्ता का कहना है कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि देश और दुनिया में पारदर्शिता का स्पष्ट संदेश जाए।

राम मंदिर आस्था का केंद्र है और उससे जुड़े हर मामले पर देश की नजर रहती है। ऐसे में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट किन नए खुलासों के साथ सामने आती है और क्या जांच वास्तव में पूरे मामले की सच्चाई तक पहुंच पाएगी।

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