फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ram Mandir Donation Scam:चढ़ावा चोरी मामले में राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक चंपत राय के इस्तीफे पर मंथन!

Mon, 06 Jul 2026 03:30 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण सामने आने के बाद अब सभी की निगाहें श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी हैं। सोमवार को दोपहर 3 बजे मंदिर परिसर स्थित गेस्ट हाउस में आयोजित होने वाली इस बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास करेंगे। माना जा रहा है कि यह बैठक हाल के विवादों और मंदिर प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णायक साबित हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, बैठक की शुरुआत ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल कुमार मिश्रा के इस्तीफों पर चर्चा से हो सकती है। यदि इन इस्तीफों पर विचार होता है तो ट्रस्ट के नेतृत्व और प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसके बाद तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) की अंतरिम जांच रिपोर्ट ट्रस्ट के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। यह रिपोर्ट कथित चढ़ावा चोरी मामले की प्रारंभिक जांच पर आधारित होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई, जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नए उपायों पर फैसला लिया जा सकता है।

 बैठक में विशेष रूप से चढ़ावे की गणना और उसके प्रबंधन की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर भी विचार होने की उम्मीद है। इसके अलावा ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में व्यापक फेरबदल की संभावना भी जताई जा रही है। लंबे समय से लंबित पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति का मुद्दा भी बैठक के प्रमुख एजेंडों में शामिल माना जा रहा है। यदि इस पद पर नियुक्ति होती है तो मंदिर प्रशासन को अधिक संगठित और पेशेवर ढंग से संचालित करने की दिशा में इसे अहम कदम माना जाएगा। ट्रस्ट के सदस्य गोपाल जी राव ने बैठक की पुष्टि करते हुए कहा कि सोमवार दोपहर 3 बजे मंदिर परिसर में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक आयोजित होगी। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के सभी 14 ट्रस्टियों को बैठक की सूचना भेजकर आमंत्रित किया गया है और उम्मीद है कि सभी सदस्य इसमें शामिल होंगे। चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद हो रही इस बैठक को मंदिर प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और ट्रस्ट की भविष्य की कार्यप्रणाली तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों पर श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और पूरे देश की नजर बनी हुई है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें