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Ram Mandie Donation Scam:राम मंदिर चढ़ावा मामले में अखिलेश का SIT पर तंज, जांच टीम को दी ये चेतावनी!

Mon, 22 Jun 2026 04:30 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर उठे विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की उत्तर प्रदेश सरकार और जांच एजेंसियों पर सवाल उठाए हैं। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) के संदर्भ में उन्होंने आशंका जताई कि यदि जांच को पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से नहीं होने दिया गया, तो सच्चाई सामने आने में कठिनाई हो सकती है। साथ ही उन्होंने जांच एजेंसी को सतर्क रहने की सलाह देते हुए संकेत दिया कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें प्रभावित करने की कोशिश की जा सकती है।

अखिलेश यादव ने कहा कि जो खबरें सामने आ रही हैं, वे बेहद दुखद और चिंताजनक हैं। उनके अनुसार भगवान राम के प्रति लोगों की आस्था, श्रद्धा और भावनात्मक जुड़ाव की तुलना किसी अन्य विषय से नहीं की जा सकती। देशभर से करोड़ों श्रद्धालु मंदिर में अपनी श्रद्धा के प्रतीक के रूप में चढ़ावा और दान अर्पित करते हैं, इसलिए यदि उस धन के उपयोग या प्रबंधन को लेकर किसी प्रकार की गड़बड़ी की खबरें आती हैं तो इससे लोगों की भावनाएं आहत होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि उनके द्वारा भगवान राम के नाम पर चढ़ाई गई राशि को लेकर भी विवाद या हेराफेरी के आरोप सामने आ सकते हैं।

सपा प्रमुख ने कहा कि सरकार ने भले ही SIT का गठन कर दिया हो, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या जांच एजेंसी को पूरी निष्पक्षता और स्वतंत्रता के साथ काम करने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि जांच पर किसी प्रकार का राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव रहा, तो वास्तविक तथ्य सामने नहीं आ पाएंगे। अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण ने यह संदेश दिया है कि पार्टी धर्म से अधिक धन को महत्व देती है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा और धार्मिक विश्वास को इस तरह की घटनाओं से जो आघात पहुंचता है, उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।

हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कथित हेराफेरी के आरोपों की जांच अभी जारी है और इस मामले में किसी भी पक्ष की जिम्मेदारी या दोष अभी आधिकारिक रूप से सिद्ध नहीं हुआ है। SIT की जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों और जिम्मेदारियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। अखिलेश यादव ने अंत में उम्मीद जताई कि निष्पक्ष जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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