सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में शामिल सभी दोषियों की रिहाई का आदेश दिया, इसके साथ ही इस मामले के सभी दोषी रिहा हो गए हैं। शीर्ष अदालत ने हत्याकांड के दोषियों में नलिनी श्रीहरन व आरपी रविचंद्रन समेत सभी छह दोषियों की रिहाई का आदेश दिया था। बता दें कि, नलिनी श्रीहरन व रविचंद्रन ने समय से पहले रिहाई की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इसी साल मई में सुप्रीम कोर्ट ने एक अन्य दोषी एजी पेरारिवलन को आर्टिकल 142 का हवाला देते हुए रिहा किया था। न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि जिस नियम के तहत एजी पेरारिवलन को रिहाई दी गई थी, वो इस मामले में दोषी पाए गए अन्य पर भी लागू होती है। ये सभी आरोपी करीब 31 साल से जेल में बंद थे। सात दोषियों में तीन को फांसी की सजा सुनाई गई थी, लेकिन राष्ट्रपति के पास उनकी दया याचिका वर्षों तक पड़े रहने के कारण उनकी सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया गया था। वहीं, अब राजीव गांधी हत्याकांड के सात दोषियों की समय पूर्व रिहाई से बड़ा मामला न्यायिक निर्णयों पर कुछ सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि, पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में आत्मघाती बम धमाके में हुई थी।