बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के 'पटक-पटक कर मारने' वाले बयान पर एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ''एक सांसद है वो कहता है कि वो हमें पटक पटक कर मारेगा, तू हमको मारेगा दुबे, तू मुंबई आजा, मुंबई के समंदर में डुबा डुबाकर मारेंगे.'' MNS प्रमुख ने सवाल किया, ''क्या हुआ दुबे का? क्या कोई केस हुआ? 56 इंच की छाती लेकर तुम भी घूमो, तुम महाराष्ट्र के मालिक हो. अगर किसी ने यहां मराठी का अपमान किया तो उनके गाल और हमारे हाथ की युति जरूर होकर रहेगी.''
राज ठाकरे ने महायुति सरकार को घेरते हुए कहा, ''देवेंद्र फडणवीस कैसे स्क्रिप्ट राइटर हैं जो पहले GR निकालते हैं और बाद में उसे वापस लेते हैं. मेरा आप सभी से निवेदन है कि आप जहां-जहां जाएंगे आप मराठी में ही बोलिए. आप टैक्सी में हैं, बस में या ट्रेन में हैं आप ज्यादा से ज्यादा मराठी में ही बोलिए. अन्य राज्यों में लोगों की सरकार अपने लोगों से साथ मजबूती से खड़ी रहती है. जाते जाते इतना ही कहूंगा कि सतर्क रहिए, सतर्क रहिए और सतर्क रहिए.''
दरअसल, झारखंड के गोड्डा से बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे कहा था कि हिंदी भाषी लोगों को मुंबई में मारने वाले अगर हिम्मत है तो महाराष्ट्र में उर्दू भाषियों को मार कर दिखाओ. अपने घर में तो कुत्ता भी शेर होता है. कौन कुत्ता. कौन शेर खुद ही फ़ैसला कर लो. इस दौरान उन्होंने पटक पटक कर मारने वाला बयान दिया था. उन्होंने कहा था, ''महाराष्ट्र से बाहर आने की हिम्मत दिखाएं, हम हिंदी का विरोध करने वालों को पटक-पटक कर मारेंगे.'' मुंबई से सटे मीरा रोड इलाके में मराठी न बोलने पर MNS कार्यकर्ताओं ने एक दुकानदार मालिक के साथ मारपीट की थी. इसे लेकर ही बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने ठाकरे ब्रदर्स पर हमला बोला था. वहीं शिवसेना नेत्री शाइना एन.सी. ने मराठी भाषा विवाद पर MNS प्रमुख राज ठाकरे के बयान पर कहा, "राज ठाकरे हमेशा विवादित बयान देते हैं। जब आप किसी वोटर से बात करेंगे तो वे आपको बताएंगे कि जहां आपका राजनीतिक प्रदर्शन है, वहीं आपको वोट मिलेंगे और जहां केवल बयान हैं, वहां लोग आपको नकारेंगे।"
राज ठाकरे ने कहा कि हिंदी बोलने वाले लोग महाराष्ट्र में नौकरी करने क्यों आते हैं? अगर हिंदी बोलने वाले को दूसरी जगह जाना पड़ता है तो इसका क्या फायदा? हिंदी किसी की मातृभाषा नहीं है। कल जिसको कान के नीचे मारा उसको पूछना की उसकी भाषा क्या है? उन्होंने कहा कि अगर किसी के कान में मराठी भाषा नहीं घुसती तो कान के नीचे मारना जरूरी है। राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में रहना है तो मराठी सीखनी होगी। असल में 29 जून को राज ठाकरे की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मीरा रोड़ में एक दुकानदार को इसलिए मारा था क्योंकि वो हिन्दी में बात कर रहा था। यह विवाद बढ़ गया था। कारोबारियों ने विरोध किया था और पुलिस में भी यह मामला गया था। इसलिए आज राज ठाकरे ने मीरा रोड जाकर अपने कार्यकर्ताओं का समर्थन किया।