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बारिश से दिल्ली में 200 जगहों पर लगा ट्रैफिक जाम

वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Updated Thu, 10 Jul 2025 09:35 PM IST

राजधानी दिल्ली में बुधवार शाम और गुरुवार सुबह हुई बारिश ने शहर को थाम दिया। लोग ऑफिस से घर लौटने निकले तो उम्मीद थी कि मानसून की यह फुहार राहत लेकर आई है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट निकली। दिल्ली में तकरीबन 200 से ज्यादा लोकेशनों पर ट्रैफिक जाम की खबरें आईं। जलभराव और अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था के कारण जाम का यह आलम था कि गाड़ियां सिर्फ सड़कों पर नहीं, कॉलोनियों के भीतर तक घुस गईं, और वहां भी फंसी रहीं।

बारिश की वजह से बीआरटी कॉरिडोर (पूर्व) पर चिराग दिल्ली की ओर जाने वाला ट्रैफिक पूरी तरह से जाम हो गया। इसके कारण ट्रैफिक ग्रेटर कैलाश-1 के एम ब्लॉक में घुस आया। रात नौ से दस बजे तक यह कॉलोनी का मुख्य मार्ग पूरी तरह से ठप रहा।
इसी तरह ग्रेटर कैलाश-2 से तारा अपार्टमेंट की ओर जाने वाला ट्रैफिक कालकाजी और डीडीए फ्लैट्स के भीतर से घुमाया गया, जिससे यह कॉलोनियां भी जाम में फंस गईं। महज़ आधा किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को एक से डेढ़ घंटा लग गया।

बारिश के चलते रविदास मार्ग पूरी तरह से ठप हो गया। नतीजा यह हुआ कि कालकाजी, तुगलकाबाद, गोविंदपुरी, अलकनंदा और ओखला जैसे घनी आबादी वाले इलाकों की कॉलोनियों में जाम का असर दिखा।
एमबी रोड पर पुल प्रह्लादपुर अंडरपास, संगम विहार, तिगड़ी, खानपुर और साकेत के पास वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। बारिश के बाद इन जगहों पर इतना जलभराव हुआ कि वाहन चालकों के लिए आगे बढ़ पाना मुश्किल हो गया।

दिल्ली के मुख्य राजमार्गों और हाईवे पर भी लंबे-लंबे ट्रैफिक जाम देखे गए। राजौरी गार्डन, कीर्ति नगर, उत्तम नगर, आनंद विहार, जाफराबाद, लक्ष्मी नगर, आजादपुर, रोहिणी जैसे क्षेत्रों में कॉलोनियों के भीतर तक ट्रैफिक फंसा रहा। आउटर रिंग रोड, अरबिंदो मार्ग, रेल भवन, अक्षरधाम, आईटीओ, मंडी हाउस, रफी मार्ग, आश्रम, पीरागढ़ी रोड, द्वारका, वसंत विहार और NH-8 जैसे बड़े मार्गों पर भी वाहन रेंगते रहे।

बुधवार शाम को आईटीओ में इतनी तेज बारिश हुई कि दिन में ही अंधेरा छा गया। लोगों को अपनी गाड़ियों की हेडलाइट जलाकर आगे बढ़ना पड़ा।
तेज बारिश और जलभराव की वजह से यहां हालात इतने बिगड़े कि कई गाड़ियां बंद हो गईं और लोगों को धक्का मारकर किनारे लगाना पड़ा।

सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। कर्तव्य पथ पर एक वीडियो में लोग तेज बारिश से बचने के लिए बस स्टैंड की तरफ भागते नजर आए।
सरिता विहार अंडरपास में एक जगुआर कार फंस गई, जखीरा अंडरपास में दोपहिया वाहन चालकों को फिसलते हुए देखा गया। वीडी मार्ग, जीआरडी रोड, कश्मीरी गेट – हर जगह एक ही तस्वीर थी – भारी बारिश, जलभराव और ठहरी हुई गाड़ियां।

सबसे बड़ी शिकायत आई ट्रैफिक हेल्पलाइन को लेकर। संगम विहार के निवासी सतीश ने बताया कि “हेल्पलाइन पर कॉल किया, ऑप्शन दबाया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।” कई लोगों ने बताया कि घंटों कॉल करने पर भी ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से संपर्क नहीं हो पाया। मौके पर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए पुलिसकर्मी नदारद दिखे, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई।

सबसे ज्यादा दिक्कतें उन्हें हुईं जो ऑफिस से अपने घर लौट रहे थे। निजी वाहन हो या सार्वजनिक परिवहन, दोनों ही विकल्प जाम में फंसे रहे।
ऑटो और टैक्सी चालकों ने बारिश और जाम के कारण किराया दोगुना कर दिया, वहीं बसें अपने निर्धारित रूट से भटककर जलभराव से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों से चलने लगीं।

दिल्ली नगर निगम और ट्रैफिक विभाग ने दावा किया था कि मानसून से पहले नालों की सफाई की गई है, लेकिन सड़कों पर भरा पानी और जाम की स्थिति ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। हर साल मानसून आते ही दिल्ली की यही स्थिति होती है, लेकिन इसके स्थायी समाधान के कोई संकेत नहीं दिखते।

बारिश ने एक बार फिर राजधानी दिल्ली की बुनियादी कमज़ोरियों की परतें खोल दी हैं।
जहां मानसून राहत लेकर आता है, वहीं दिल्लीवालों के लिए वह एक जाम, जलभराव और सिस्टम फेल्योर की त्रासदी बन गया है।
जब कॉलोनी की गली में मर्सिडीज और बाइक दोनों फंसे हों, जब ऑफिस से घर पहुंचने में चार गुना वक्त लगे, और जब प्रशासन सिर्फ ट्वीट तक सीमित रह जाए – तब सवाल उठता है: क्या दिल्ली हर साल इसी हाल में जीने को मजबूर रहेगी?

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