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Rahul Gandhi on RSS: दत्तात्रेय होसबोले के संविधान शब्द पर बयान से भड़के नेता विपक्ष राहुल गांधी।

Sat, 28 Jun 2025 02:21 PM IST
अभिलाषा पाठक वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के संविधान की प्रस्तावना में शामिल समाजवादी तथा धर्मनिरपेक्ष शब्दों की समीक्षा पर विचार करने के आहृवान ने संविधान बदलने के सियासी विवाद को एक बार फिर गरम कर दिया है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने आरएसएस नेता के बयान पर तगड़ा हमला बोलते हुए कहा कि संविधान को नष्ट करना आरएसएस का एकमात्र लक्षय है जिसने संविधान को कभी स्वीकार नहीं किया है।

कांग्रेस के अनुसार, संघ नेता का यह आह्वान बाबा साहेब अंबेडकर के न्यायपूर्ण, समावेशी और लोकतांत्रिक भारत के दृष्टिकोण को नष्ट करने की एक लंबे समय से चली आ रही साजिश का हिस्सा है।आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसबोले ने संविधान से धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी शब्दों को हटाने को लेकर बयान दिया. इसे लेकर अब देश में सियासी बवाल मच गया है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे लेकर बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आरएसएस का नकाब फिर से उतर गया. उन्होंने कहा, "संविधान इन्हें चुभता है क्योंकि वो समानता, धर्मनिरपेक्षता और न्याय की बात करता है. बीजेपी-आरएसएस को संविधान नहीं, मनुस्मृति चाहिए. ये बहुजनों और गरीबों से उनके अधिकार छीनकर उन्हें दोबारा गुलाम बनाना चाहते हैं."

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, "संविधान जैसा ताकतवर हथियार उनसे छीनना इनका असली एजेंडा है. आरएसएस ये सपना देखना बंद करे. हम उन्हें कभी सफल नहीं होने देंगे. हर देशभक्त भारतीय आखिरी दम तक संविधान की रक्षा करेगा."आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसबोले ने गुरुवार (27 जून 2025) को कहा, "समाजवाद-धर्मनिरपेक्ष शब्द को इमरजेंसी के दौरान संविधान की प्रस्तावना में शामिल किया गया. बाबा साहेब आंबेडकर ने जो संविधान बनाया, उसकी प्रस्तावना में ये शब्द कभी नहीं थे. आपातकाल के दौरान जब मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, संसद काम नहीं कर रही थी, न्यायपालिका पंगु हो गई थी तो ये शब्द जोड़े गए."दत्तात्रेय होसबोले ने कहा, "इस मुद्दे पर बाद में चर्चा हुई, लेकिन प्रस्तावना से उन्हें हटाने की कोशिश नहीं की गई. इन शब्दों को प्रस्तावना में रहना चाहिए या नहीं, इस पर विचार किया जाना चाहिए."
 

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