समाजवादी पार्टी से निष्कासित विधायक पूजा पाल ने पार्टी और उसकी महिला नेताओं पर बड़ा हमला बोला है। बुधवार को उन्होंने कहा कि सपा की महिला नेता जिस तरह से किसी दूसरी महिला के निजी जीवन को लेकर टिप्पणी कर रही हैं, वह निंदनीय और शर्मनाक है। पूजा पाल ने सवाल उठाया कि यदि उनमें आत्मसम्मान की कमी है, तो वे दूसरों का सम्मान कैसे करेंगी? पूजा पाल ने कहा कि अखिलेश यादव के सामने अपनी पकड़ मजबूत दिखाने और नंबर बढ़ाने के लिए सपा की महिला नेता उनके निजी जीवन को निशाना बना रही हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी महिला के निजी जीवन पर टिप्पणी करना बेहद गलत है। यह न सिर्फ व्यक्तिगत आक्षेप है, बल्कि महिलाओं के सम्मान पर भी चोट है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा हाल ही में चलाए जा रहे PDA अभियान पर भी पूजा पाल ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि PDA पाठशाला लगाने से पहले अखिलेश यादव और उनकी टीम को खुद स्कूल जाना चाहिए और सबसे पहले महिलाओं का सम्मान करना सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल नारे देने और जातीय समीकरण साधने से जनता का विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता। जनता उन नेताओं को पसंद करती है, जो वास्तविक समस्याओं को समझकर समाधान करें, न कि व्यक्तिगत हमले और नफरत की राजनीति करें
समाजवादी पार्टी से निष्कासित विधायक पूजा पाल ने बुधवार को डीजीपी राजीव कृष्ण से मुलाकात कर सोशल मीडिया पर उनके बारे में की जा रहीं अभद्र टिप्पणियों को लेकर शिकायत की है। डीजीपी ने प्रयागराज पुलिस से ऐसी टिप्पणियां करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
बता दें कि पूजा पाल ने डीजीपी से मिलकर उन्हें पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने सपा से निष्कासित होने के बाद सोशल मीडिया पर लगातार निशाना बनाए जाने का जिक्र किया है। उन्होंने डीजीपी से कहा कि उनके खिलाफ गलत और भ्रामक बयान देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पार्टी से हटाए जाने के बाद कुछ लोग सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने अपना नंबर बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया पर उनके निजी जीवन के बारे में अनाप-शनाप लिख रहे हैं। उन्होंने अपने पत्र में ऐसी टिप्पणियां करने वाले कुछ लोगों के नाम भी बताए हैं।