आजादी के 78 वर्षों के बाद और भारतीय रेलवे के शुरू होने के 172 वर्षों के बाद मिजोरम शनिवार को रेलवे से जुड़ गया। इस ऐतिहासिक क्षण का अमर उजाला भी गवाह बना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिजोरम के बहुप्रतीक्षित बैराबी–सैरांग रेलवे लाइन का उद्घाटन किया। जिसके बाद मिजोरम के लोग रेल की सीटी पहली बार सुनें।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिजोरम में 9,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने शनिवार को मिजोरम की पहली रेलवे लाइन का उद्घाटन भी किया। प्रधानमंत्री ने 8,070 करोड़ से अधिक की लागत वाली बैराबी-सैरांग नई रेल लाइन का उद्घाटन किया, जो मिजोरम की राजधानी को पहली बार भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगी। उन्होंने आइजोल को दिल्ली से जोड़ने वाली राज्य की पहली राजधानी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई।
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि कुछ वर्ष पहले मुझे आइजोल रेलवे लाइन की आधारशिला रखने का सौभाग्य मिला था। आज हम इसे देशवासियों को समर्पित करते हुए गर्व महसूस कर रहे हैं। दुर्गम रास्तों सहित कई चुनौतियों को पार करते हुए यह बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन अब साकार हो गई है। हमारे इंजीनियरों के कौशल और हमारे कार्यकर्ताओं के जज्बे ने इसे संभव बनाया है। यह सिर्फ एक रेल संपर्क नहीं है, बल्कि यह बदलाव की जीवनरेखा है। यह मिजोरम के लोगों के जीवन और आजीविका में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। मिजोरम के किसान और व्यवसाय देश भर के ज्यादा बाजारों तक पहुंच सकेंगे।'
पीएम मोदी ने आगे कहा कि पहली बार मिजोरम का सैरांग राजधानी एक्सप्रेस द्वारा दिल्ली से सीधे जुड़ेगा। यह सिर्फ एक रेलवे नहीं है, बल्कि परिवर्तन की जीवनरेखा है। यह मिजोरम के लोगों के जीवन और आजीविका में क्रांति लाएगी। मिजोरम के किसान और व्यवसाय देश भर के ज्यादा बाजारों तक पहुंच पाएंगे। लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के बेहतर अवसर भी मिलेंगे। इस विकास से कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।