पटना एयरपोर्ट पर बड़ा विमान हादसा टल गया। दिल्ली से आ रहे विमान को रनवे ओवरशूट का सामना करना पड़ा। हालांकि, पायलट ने सूझबूझ से विमान को अनियंत्रित होने से बचा लिया। उन्होंने फौरन गो-अराउंड प्रक्रिया अपनाई और विमान को फिर से सफलतापूर्वक लैंड करवा लिया। इस मामले में ने पटना एयरपोर्ट के छोटे रनवे को लेकर फिर सवाल खड़ा कर दिया है।पटना हवाई अड्डे पर एक विमान के लैंडिंग के दौरान टच पॉइंट न मिलने से एक बड़ा हादसा टल गया. दिल्ली से पटना आ रही फ्लाइट 6E 2482 को चार बार हवा में चक्कर लगाने पड़े. पायलट की सूझबूझ से विमान सुरक्षित लैंड हुआ, लेकिन यात्रियों की जान जोखिम में पड़ गई. छोटे रनवे और टचडाउन जोन में लैंडिंग की कठिनाई के कारण यह घटना हुई.
पायलट ने सही समय पर निर्णय लिया जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई.दिल्ली के पटना आ रही विमान संख्या 6E 2482 जब टेक ऑफ कर रहा था, तब विमान के पायलट को रनवे पर सही टचिंग प्वाइंट नहीं मिल सका. जिसके कारण लैंडिंग नहीं हो सकी. इसके बाद विमान ने फिर ऊपर की तरफ उड़ान भरी. इस दौरान विमान को हवा में कम से कम चार चक्कर लगाने पड़े. इसके बाद पायलट ने विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई. बताया जा रहा है कि लैंडिंग के वक्त विमान ने निर्धारित टच डाउन जोन को पार कर लिया था.एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार जब विमान ने लैंडिंग की, तब उसके मुख्य लैंडिंग गियर ने रनवे को टच किया, लेकिन विमान तय स्थान से आगे निकल गया था. संभवत: आगे का रनवे सीमित होने के कारण पायलट ने वक्त में थ्रॉटल लगाकर विमान को फिर से हवा में उडा लिया. इस विमान के 173 यात्री दिल्ली से पटना आ रहे थे.
टच प्वाइंट नहीं मिलने कारण विमान को जब नीचे उतारकर फिर से उड़ाया गया तो विमान में सवार यात्रियों की सांसे अटक गई थी. हालांकि विमान के क्रू मेंबर ने सही वक्त पर अनाउंस कर के सभी यात्रियों को धैर्य रखने की बात कही. बता दें कि पटना एयरपोर्ट का रनवे छोटा है. फिलहाल पटना एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 2,072.64 मीटर है. जबकि, कम से कम 2438 मीटर होनी चाहिए. यही कारण है कि इसको बढ़ाने की तैयारी चल रही है. 29 मई को PM नरेंद्र मोदी ने पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का इनॉगरेशन किया था, जो लगभग 1200 करोड़ की लागत से बना है.जानिए क्या होता है कि रनवे ओवरशूट...जानकारों के अनुसार, विमान रनवे के अंत से पहले रुकने में सफल नहीं हो पाता है और रनवे के अंत से ज्यादा आगे निकल जाता है। यानी विमान रनवे की निर्धारित सीमा से बाहर चला जाता है।