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OTT Vs Cinema: Nehru -Indra के समय फिल्मों से नरैटिव बनाने का चलन ज्यादा। Exclusive Raja Bundela

Mon, 17 Aug 2026 11:50 AM IST
Pratiksha Pandey वीडियो डेस्क

OTT Vs Cinema की बहस सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि फिल्मों के जरिए समाज और राजनीति पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। राजा बुंदेला के Exclusive Podcast में चर्चा इसी दिलचस्प पहलू पर है ,क्या फिल्मों का इस्तेमाल अलग-अलग दौर में सामाजिक और राजनीतिक नैरेटिव बनाने के लिए किया जाता रहा है? पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के दौर में सिनेमा और सत्ता के रिश्ते कैसे देखे जाते थे? क्या उस दौर में फिल्मों के जरिए विचारधारा और सामाजिक संदेश को ज्यादा प्रभावी ढंग से पेश किया जाता था? और आज OTT के आने के बाद यह तस्वीर कैसे बदली है? इस Exclusive Raja Bundela Podcast में जानिए-- OTT आने के बाद सिनेमा में क्या बड़ा बदलाव आया?
फिल्मों और राजनीतिक-सामाजिक नैरेटिव के बीच कितना संबंध रहा है?
नेहरू-इंदिरा के दौर में फिल्मों की भूमिका कैसी थी?
क्या आज OTT नैरेटिव बनाने का ज्यादा बड़ा माध्यम बन गया है?
सिनेमा और OTT में दर्शकों की सोच को प्रभावित करने की कितनी ताकत है?
बदलते दौर में फिल्म इंडस्ट्री का भविष्य क्या है?

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