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Om Birla No Confidence Motion: राहुल गांधी के बचाव में उतरीं प्रियंका गांधी वाड्रा, भाजपा पर बरसीं!

Wed, 11 Mar 2026 04:15 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

 कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "यह सब बातें इसलिए की जाती है क्योंकि मेरे भाई जो कहते हैं सच कहते हैं। इनके सामने वह एक ही व्यक्ति हैं जो झुके नहीं। इन्होंने तमाम चीज़ें की.तरह-तरह की चीज़ें की.उनकी सोच इन लोगों से पच नहीं रही इसलिए उनकी आलोचना करते हैं.कोई सवाल पूछता है तो आप जवाब नहीं देते। यहां असली चर्चा नहीं हो रही। वंदे मातरम् पर हमने दिन भर चर्चा कर ली, नेहरू जी, इंदिरा जी पर सारी आलोचनाएं ये लोग करते रहे लेकिन हमने एक असली चर्चा नहीं की.ये लोग आलोचना कर रहे हैं कि हमने सदन को कमजोर कर दिया लेकिन असलियत यह है कि इन्होंने स्पीकर पर दबाव डाला है, उनकी स्वतंत्रता इन्होंने खत्म की है। हम तो संस्थाओं को बचाने के लिए कह रहे हैं क्योंकि वह संस्थाएं निष्पक्ष रही नहीं जिनपर हमारा लोकतंत्र आधारित है"

Priyanka Gandhi Vadra ने हाल ही में संसद और देश की राजनीतिक स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार और उसके समर्थक बार-बार ऐसे मुद्दे उठाते हैं जिनका उद्देश्य असली समस्याओं से ध्यान भटकाना होता है। प्रियंका गांधी ने अपने भाई और कांग्रेस नेता Rahul Gandhi का बचाव करते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगातार आलोचना इसलिए की जाती है क्योंकि वे सच बोलते हैं और सत्ता के सामने झुकते नहीं हैं। उनके अनुसार राहुल गांधी देश के उन कुछ नेताओं में हैं जो लगातार सरकार से कठिन सवाल पूछते हैं और जनता से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाते हैं। यही कारण है कि सत्ता पक्ष उन्हें निशाना बनाता रहता है और उनके विचारों को दबाने की कोशिश करता है।

प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि संसद में वास्तविक मुद्दों पर गंभीर चर्चा नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि पूरे दिन ऐसे विषयों पर बहस कराई जाती है जिनसे जनता की मूल समस्याओं का कोई सीधा संबंध नहीं होता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सदन में “वंदे मातरम्” जैसे विषयों पर लंबी चर्चा होती है और साथ ही देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों जैसे Jawaharlal Nehru और Indira Gandhi की लगातार आलोचना की जाती है। उनके अनुसार इतिहास या पुराने नेताओं पर बहस करने के बजाय संसद में वर्तमान समय की समस्याओं—जैसे महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक मुद्दों—पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि जब विपक्ष सरकार से किसी मुद्दे पर सवाल पूछता है तो सत्ता पक्ष अक्सर सीधे जवाब देने से बचता है। प्रियंका गांधी का आरोप था कि सरकार सवालों का सामना करने के बजाय चर्चा का विषय बदल देती है और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में समय बिताया जाता है। उनके अनुसार इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर होती है और संसद की मूल भूमिका प्रभावित होती है, जो कि सरकार से जवाबदेही तय करने का मंच है।

इसके साथ ही उन्होंने संसद की कार्यप्रणाली को लेकर भी चिंता व्यक्त की। प्रियंका गांधी ने कहा कि सत्ता पक्ष विपक्ष पर यह आरोप लगाता है कि उसने संसद को कमजोर किया है, लेकिन वास्तविकता इसके उलट है। उनके मुताबिक सरकार ने संसद की स्वतंत्रता को प्रभावित किया है और सदन के संचालन पर दबाव बनाया है। उन्होंने विशेष रूप से Om Birla, जो लोकसभा के स्पीकर हैं, के संदर्भ में कहा कि स्पीकर का पद पूरी तरह निष्पक्ष और स्वतंत्र होना चाहिए, लेकिन सरकार के दबाव के कारण उनकी स्वतंत्रता सीमित हो रही है।

प्रियंका गांधी ने अपने बयान में यह भी कहा कि विपक्ष का उद्देश्य किसी संस्था को कमजोर करना नहीं बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा करना है। उनके अनुसार देश की कई महत्वपूर्ण संस्थाओं की निष्पक्षता पर अब सवाल उठने लगे हैं, जबकि इन्हीं संस्थाओं पर भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद टिकी हुई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का दायित्व है कि वह इन संस्थाओं की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए आवाज उठाए। उनके इस बयान ने देश की राजनीति में एक बार फिर सरकार और विपक्ष के बीच संस्थाओं की भूमिका और संसद की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

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