महाराष्ट्र निकाय चुनाव के नतीजों के बीच सियासी तकरार एक बार फिर तेज हो गई है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के कमजोर प्रदर्शन पर तंज कसते हुए उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर सीधा निशाना साधा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर निशिकांत दुबे की एक पोस्ट ने पुराने विवाद को फिर से हवा दे दी है।
निशिकांत दुबे ने एक्स पर लिखा कि वह “मुंबई आकर उद्धव ठाकरे जी और राज ठाकरे जी से मिलेंगे।” यह टिप्पणी ऐसे वक्त आई है, जब बीएमसी समेत महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने बड़ी बढ़त बना ली है। बीएमसी जैसे देश के सबसे अमीर नगर निगम में महायुति ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की एमएनएस को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ रहा है।
दरअसल, निशिकांत दुबे और राज ठाकरे के बीच यह जुबानी जंग नई नहीं है। पिछले साल जुलाई में दोनों नेताओं के बीच तीखा शब्द संग्राम देखने को मिला था। उस वक्त महाराष्ट्र, खासकर मुंबई में उत्तर भारतीयों पर कथित हमलों के कई मामले सामने आए थे। इन घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसके बाद देशभर में बहस छिड़ गई थी। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने इन हमलों का खुलकर विरोध किया था और महाराष्ट्र की राजनीति पर सवाल उठाए थे।
उस समय निशिकांत दुबे के एक बयान ने काफी विवाद खड़ा कर दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि “हम मराठी लोगों को यहां पटक-पटक कर मारेंगे।” इस बयान को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में भारी बवाल मचा था। इसे मराठी अस्मिता से जोड़कर देखा गया और विपक्षी दलों ने भाजपा पर तीखे हमले किए थे।
निशिकांत दुबे के बयान पर पलटवार करते हुए एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने बेहद आक्रामक लहजे में जवाब दिया था। राज ठाकरे ने कहा था, “मैं दुबे को बोलता हूं, तुम मुंबई में आ जाओ, मुंबई के समंदर में डुबो-डुबोकर मारेंगे।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि अगर किसी ने महाराष्ट्र या मराठी लोगों का अपमान किया, तो उसके गंभीर परिणाम होंगे। राज ठाकरे के इस बयान ने भी देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं।
अब एक बार फिर, बीएमसी चुनाव में एमएनएस और शिवसेना (यूबीटी) के खराब प्रदर्शन के बाद निशिकांत दुबे ने उसी पुराने विवाद को तंज के जरिए फिर से जिंदा कर दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निशिकांत दुबे का यह बयान सिर्फ चुनावी नतीजों पर टिप्पणी नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की क्षेत्रीय राजनीति और ठाकरे परिवार की सियासी पकड़ पर सीधा हमला है।
इधर, चुनावी आंकड़ों की बात करें तो बृहन्मुंबई नगर निगम समेत महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के लिए मतगणना जारी है। शुक्रवार दोपहर तक के रुझानों में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने स्पष्ट बढ़त हासिल कर ली है। बीएमसी में महायुति ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, जो उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
चुनाव आयोग के मुताबिक, दोपहर तक के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी बीएमसी चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती नजर आई है। वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की एमएनएस का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। इसे ठाकरे बंधुओं की राजनीति के लिए एक बड़ा सियासी संदेश माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, बीएमसी चुनाव के नतीजों ने न सिर्फ महाराष्ट्र की सियासी तस्वीर बदली है, बल्कि पुराने घावों को भी फिर से हरा कर दिया है। निशिकांत दुबे और राज ठाकरे के बीच बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही है।