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New Education Minister: शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी ने क्या कहा?

Sun, 26 Jul 2026 02:53 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध में चल रहे आंदोलन और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी अस्थायी रूप से वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को सौंप दी है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही राष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपने की मंजूरी भी दे दी। प्रल्हाद जोशी पहले से ही खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं और अब वे शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी निभाएंगे। इस फैसले के बाद शिक्षा मंत्रालय के नेतृत्व में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जिसकी राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में व्यापक चर्चा हो रही है।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी हैं। विपक्ष लगातार सरकार पर छात्रों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगा रहा था, जबकि छात्र संगठन भी परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे थे। इन परिस्थितियों के बीच सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रल्हाद जोशी को सौंपते हुए मंत्रालय के कामकाज में निरंतरता बनाए रखने का प्रयास किया है। राष्ट्रपति कार्यालय की अधिसूचना के अनुसार यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और प्रल्हाद जोशी अपने मौजूदा मंत्रालय के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारियां भी संभालेंगे।

शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस नई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा, "मैं यह ज़िम्मेदारी निभाऊंगा। मैं प्रधानमंत्री का शुक्रगुजार हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के पिछले 12 वर्षों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हुई हैं। पिछले चार-पांच वर्षों में धर्मेंद्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति को लागू करने सहित कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं और देश ने नई शिक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय प्रगति की है।" उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वह अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करेंगे और शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी एवं लगन से निभाने का प्रयास करेंगे। प्रल्हाद जोशी ने यह भी संकेत दिया कि शिक्षा क्षेत्र में चल रहे सुधारों और नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को आगे बढ़ाने की दिशा में सरकार की प्राथमिकताएं जारी रहेंगी। उनके इस बयान के बाद यह स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई कि मंत्रालय में नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सुधार और योजनाएं पहले की तरह आगे बढ़ती रहेंगी।

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