बाबा रामदेव ने कहा कि देश में किसी धर्म, जाति या समुदाय के खतरे में होने से ज्यादा चिंता बच्चों, युवाओं, संस्कृति, सभ्यता और देश के भविष्य को लेकर है। उन्होंने राजनीतिक आंदोलनों में छोटे बच्चों को शामिल करने पर सवाल उठाते हुए कहा कि बच्चों को पढाई पर ध्यान देना चाहिए। रामदेव ने शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध की बात कही और बच्चों को आंदोलनों में इस्तेमाल किए जाने का विरोध किया।