महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "इस सत्र में ऐतिहासिक नारी शक्ति वंदन अधिनियम जो सरकार लेकर आ रही है ये सिर्फ सरकार का बिल नहीं है ये सभी पार्टी और पूरे देश का बिल है। देश के महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में जो जगह मिलने जा रही है ये किसी एक दल का मुद्दा हो ही नही सकता। पीएम मोदी ने धन्यवाद दिया है कि हर राजनीतिक पार्टी ने पिछले बार इसको पारित करवाया था और इस बार भी जो बिल लेकर आ रहे हैं ये बीजेपी-NDA बिल नहीं है बल्कि पूरे पार्टी की ओर से ये बिल लेकर आ रहे हैं। मैंने सभी दल के नेता से बात किया है.कुछ विपक्ष पार्टी के साथ भी हमने बैठक की। मैं दिल से धन्यवाद करता हूं.मैं उम्मीद करता हूं सभी पार्टी एकमत से इस बिल को पारित करेंगे।"
केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju ने महिला आरक्षण बिल को लेकर महत्वपूर्ण बयान देते हुए इसे देश के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस सत्र में सरकार जो Nari Shakti Vandan Adhiniyam लेकर आ रही है, वह केवल सरकार का बिल नहीं बल्कि पूरे देश और सभी राजनीतिक दलों का बिल है। उनके अनुसार, यह विधेयक भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। इस बिल का मुख्य उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना है, जिससे नीति-निर्माण में उनकी भूमिका मजबूत हो सके।
किरण रिजिजू ने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देना केवल राजनीतिक जरूरत नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय का भी महत्वपूर्ण पहलू है। लंबे समय से देश में महिला आरक्षण की मांग उठती रही है, और इस दिशा में कई प्रयास भी हुए, लेकिन अब जाकर इसे लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बिल महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ देश के विकास को नई दिशा देगा, क्योंकि जब निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, तो समाज के हर वर्ग की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।
इस विधेयक को लेकर सरकार ने सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की है। रिजिजू के अनुसार, यह ऐसा मुद्दा है जिस पर राजनीति से ऊपर उठकर विचार करना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद में सभी दल इस बिल का समर्थन करेंगे और इसे पारित कराने में सहयोग देंगे। उनका मानना है कि यह कदम भारत को उन देशों की श्रेणी में ला खड़ा करेगा जहां महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी मजबूत और प्रभावी है।
महिला आरक्षण बिल को लेकर देशभर में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई सामाजिक संगठनों और महिला समूहों ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए सरकार के इस प्रयास की सराहना की है। यदि यह बिल पारित हो जाता है, तो आने वाले समय में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे लोकतंत्र और अधिक संतुलित और प्रतिनिधित्वपूर्ण बन सकेगा। इस तरह, नारी शक्ति वंदन अधिनियम न केवल महिलाओं के अधिकारों को मजबूती देगा, बल्कि भारत के समग्र विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा।