कर्नाटक में मैसूरू में दशहरा का शाही अंदाज आज भी बरकरार है। यहां की 406 साल पुरानी परंपरा पूरे दुनिया में मशहूर है। दशहरे पर पैलेस में खास लाइटिंग होती है। मैसूरू के दशहरे में न तो राम होते हैं और न ही रावण, राक्षस महिषासुर का वध करने पर देवी चामुंडा की पूजा के तौर पर यहां दशहरा मनाया जाता है।