यूपी चुनाव से पहले घरेलू बवंडर में फंसे मुलायम सिंह की हर कोशिश नाकाम होती दिखाई दे रही है। बेटे और भाई में समझौता कराने में जुटे मुलायम ने पारिवारिक एकजुटता का ऐलान तो कर दिया लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस की तस्वीरों ने ही चुगली कर दी कि घर में कुछ भी ठीक नहीं है। मुलायम ने कैबिनेट से निकाले गए शिवपाल को वापस लेने का फैसला तो अखिलेश पर छोड़ दिया, लेकिन अखिलेश की नामौजूदगी ने साफ इशारा कर दिया कि वो झुकने वाले नहीं हैं। मतलब साफ है कि आने वाले दिनों में यादव परिवार की कलह और बढ़ेगी और पार्टी के साथ-साथ सरकारी कामकाज पर भी असर डालेगी।