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MP Flood News: मध्य प्रदेश में भीषण बारिश से त्राहिमाम, कई जिलों के लिए IMD का हाई अलर्ट जारी!

Sat, 19 Jul 2025 03:26 AM IST
भास्कर तिवारी वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

मानसून ट्रफ और डिप्रेशन की वजह से  मध्यप्रदेश लगातार बारिश का दौर जारी है। कई जिलों में बाढ़ के हालात हैं। शुक्रवार को ग्वालियर-चंबल के 7 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट है। नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में भारी बारिश हो सकती है। रीवा, सतना, डिंडौरी और मऊगंज में शुक्रवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। गुरुवार को सतना, डिंडौरी, मऊगंज समेत 26 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। नदी-नाले उफान पर आ गए। इस वजह से कॉलेज की परीक्षा कैंसिल करनी पड़ी। वहीं, भोपाल में सड़क, शहडोल में सीवर लाइन की खुदाई में मिट्टी धंस गई।

इस वजह से दो मजदूर दब गए। उनकी मौत हो गई। मौसम विभाग के अनुसार, छतरपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, सागर, सतना और टीकमगढ़ में अचानक बाढ़ आ सकती है। वहीं, अशोकनगर, दतिया, गुना, ग्वालियर, मुरैना, राजगढ़, श्योपुर, शिवपुरी और विदिशा जिलों में भी बाढ़ का खतरा है। बता दें कि इस मानसूनी सीजन में प्रदेश में औसत 19.2 इंच बारिश हो चुकी है जबकि अब तक 11.5 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.7 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है।प्रदेश में कुल 54 बड़े डैम हैं, जहां पर पानी की आमद तेजी से हो रही है। बाणसागर, बरना, गांधीसागर, गोपीकृष्ण, इंद्रा सागर, केरवा, कलियासोत, कोलार, कुंडालिया, कुशलपुरा, मोहनपुरा, ओंकारेश्वर, राजघाट, बरगी, संजय सागर, तवा, टिल्लर, तिघरा, पेंच, सतपुड़ा समेत अन्य डैमों में पानी बढ़ा है। भोपाल के बड़ा तालाब में भी अच्छे खासी पानी की आमद हो गई है।

साढ़े 6 फीट पानी आते ही तालाब ओवरफ्लो हो जाएगा, फिर भदभदा डैम के गेट खोलने पड़ेंगे। मौसम विभाग के वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है। इस वजह से उत्तरी हिस्से में अगले 2 दिन तक भारी बारिश का अलर्ट है। बता दें कि इस मानसूनी सीजन में प्रदेश में औसत 18.5 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 11 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से साढ़े 7 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है। इस बार पूर्वी हिस्से में मानसून मेहरबान रहा है। वहीं ग्वालियर में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण शहर के कुछ इलाकों में जलभराव देखने को मिल रहा है। घरों में भी पानी घुस गया है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्वी मध्य प्रदेश के पन्ना, कटनी, दमोह, छतरपुर, सागर, सतना और टीकमगढ़ में तेज बारिश से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है.

वहीं पश्चिम मध्य प्रदेश के ग्वालियर, मुरैना, शिवपुरी, श्योपुरकलां, गुना, दतिया, अशोकनगर, राजगढ़ और विदिशा में भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. छतरपुर में लगातार हो रही तेज बारिश से सड़के नदियां बन गई है. वहीं, दुकानों में भी पानी घुस गया. मौसम वैज्ञानिक अमित शर्मा ने बताया कि राजस्थान के ऊपर बना हुआ मानसूनी ट्रफ ग्वालियर से होते हुए उत्तर प्रदेश के रास्ते पहुंच गया है. इसका असर प्रदेश में ज्यादा देखने को नहीं मिलेगा सीधी जिले में लगातार हुई बरसात से जनजीवन प्रभावित हुआ है. निचले इलाकों के घरों समेत यूनियन बैंक और दुकानों में पानी भर गया है. डढ़िया ग्राम पंचायत के एक घर में पानी घुस गया, जिससे पूरा परिवार सड़क पर आ गया.

वहीं मायापुर बाजार में दुकान समेत यूनियन बैंक में पानी भरा है. जिला प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति पर सिहावल जनपद क्षेत्र के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, लेकिन अब तक जहां कोई नहीं पहुंचा है. लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं. उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में  अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा. हालांकि, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के जिलों में तीन दिन के बाद बारिश में कमी देखी जा सकती है. पिछले 24 घंटे के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश के रीवा जिले के नईगढ़ी में सबसे ज्यादा 252 मिमी बारिश दर्ज की गई. वहीं मऊगंज में 224 मिमी, भानपुरा  में 215.4 मिमी, हनुमना में 212 मिमी, बहरी  में 202 मिमी और चितरंगी में 146.2 मिमी बारिश हुई.

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