भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस CWC बैठक पर कहा, ".कांग्रेस पार्टी द्वारा एक प्रायोजित भ्रम का प्रचार किया जा रहा है और वह बिल्कुल निराधार है। G-RAM G परियोजना में रोजगार को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 तक किया गया है. इसकी साप्ताहिक निगरानी होगी.यह मजदूरों के लिए अधिक बेहतर और तकनीक के अनुरूप है
कांग्रेस द्वारा 'मनरेगा बचाओ' विरोध प्रदर्शन शुरू करने पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "कांग्रेस एमजीएनरेगा के नाम पर मगरमच्छ के आंसू बहा रही है, जबकि वह जानती है कि उसके कार्यकाल में यह योजना भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई थी.
जयराम रमेश ने खुद कहा था, 'क्या एमजीएनरेगा सिर्फ गड्ढा खोदने और शौचालय बनाने के लिए है?' प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 के बाद कई सुधार किए। कांग्रेस ने क्या किया?.प्रधानमंत्री मोदी ने इस योजना पर 11 लाख करोड़ रुपये खर्च किए.अब इस नई योजना में ग्राम पंचायत को कार्यों का निर्णय लेने का अधिकार होगा.कांग्रेस झूठ फैला रही है, जबकि उन्हें वास्तव में गांवों के कल्याण के लिए वीबी-जी राम जी योजना का स्वागत करना चाहिए.यह योजना गांधीजी के दर्शन को दर्शाती है. कांग्रेस पार्टी ने गांधीजी के नाम का इस्तेमाल करके सिर्फ राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की है।"
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, "कांग्रेस में न तो इरादा था और न ही नीति। यह वही कांग्रेस पार्टी है जिसने चुनावी फायदे के लिए महात्मा गांधी के नाम का इस्तेमाल किया। यह वही कांग्रेस है जिसने समय-समय पर मनरेगा का बजट कम किया। आज कांग्रेस नेता मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं.VB–G RAM G बिल भविष्य है। हमारा संकल्प ग्राम स्वराज और आत्मनिर्भरता है; हमारा विजन गांव-आधारित विकास है
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "सोनिया गांधी ने 2005 में MGNREGA योजना के ज़रिए गरीबों का सबसे बड़ा सपना पूरा किया था और यह एक सफल योजना थी जिसने सीधे गरीबों को रोज़गार दिया। उन्होंने उस पूरी योजना को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है और इसके लिए आवंटित पैसा, लगभग 1 लाख 11 हज़ार करोड़ रुपये, अब गरीबों तक नहीं पहुंचेगा। वह पैसा अब अमीर लोगों की जेब में जाएगा। उन्होंने इस देश के गरीबों को नफ़रत के नाम पर गुमराह किया है, उन्हें धर्म, जाति और नफ़रत के आधार पर राजनीति करते रहने के लिए कहा है