मायावती एक बार फिर अपने पुराने और सफल ब्राह्मण-दलित-मुस्लिम समीकरण (2007 वाला फॉर्मूला) पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। मुस्लिम भाईचारा कमेटी: पार्टी ने जिलों में फिर से भाईचारा समितियों को सक्रिय करने का निर्देश दिया है ताकि सपा और कांग्रेस की ओर झुके मुस्लिम मतदाताओं को वापस लाया जा सके। सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय: इस नारे के साथ गैर-दलित पिछड़ी जातियों और सवर्णों को भी जोड़ने की रणनीति बनाई गई है।
सेक्टर व्यवस्था में बदलाव: तीन मंडलों पर बने एक सेक्टर की व्यवस्था को समाप्त कर अब मंडलीय व्यवस्था लागू की गई है। बामसेफ (BAMCEF) को मजबूती: हर जिले में बामसेफ का एक अध्यक्ष और 10 उपाध्यक्ष तैनात किए जा रहे हैं, जो पढ़े-लिखे कर्मचारियों और बुद्धिजीवियों के बीच बसपा की विचारधारा का प्रचार करेंगे।
मायावती ने कार्यकर्ताओं को "सावधान और सतर्क" रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल बसपा को 'बीजेपी की बी-टीम' बताकर भ्रम फैलाते हैं। इस बार कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर यह संदेश देना है कि बसपा अकेले दम पर चुनाव लड़कर अपनी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।
पूरे प्रदेश में होर्डिंग्स और पोस्टरों के जरिए मायावती के पिछले चार कार्यकालों (1995, 1997, 2002, 2007) के दौरान किए गए विकास कार्यों और 'कानून के राज' को याद दिलाया जा रहा है। उनका तर्क है कि जनता वर्तमान और पूर्ववर्ती सरकारों के 'जंगलराज' और 'जातिवाद' से ऊब चुकी है और बसपा का शासन ही एकमात्र विकल्प है।
तीन मंडलों पर बने एक सेक्टर की व्यवस्था को समाप्त कर अब मंडलीय व्यवस्था लागू की गई है। बामसेफ (BAMCEF) को मजबूती: हर जिले में बामसेफ का एक अध्यक्ष और 10 उपाध्यक्ष तैनात किए जा रहे हैं, जो पढ़े-लिखे कर्मचारियों और बुद्धिजीवियों के बीच बसपा की विचारधारा का प्रचार करेंगे।मायावती ने कार्यकर्ताओं को "सावधान और सतर्क" रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल बसपा को 'बीजेपी की बी-टीम' बताकर भ्रम फैलाते हैं। इस बार कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर यह संदेश देना है कि बसपा अकेले दम पर चुनाव लड़कर अपनी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।