वाराणसी के भैंसासुर घाट पर चल रहे सुर गंगा संगीत महोत्सव में लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने अपने सुरों से सबके पांव थिरका दिए। जब उन्होंने प्रसिद्ध लोक गीत, ‘रेलिया बैरन भई रे...!’ शुरू किया तो ऑडियंस में बैठी लड़कियां और महिलाएं सभी स्टेज पर पहुंच गई और फिर हुआ धमाल। गुरुवार की रात भोजपुरी के तुलसी कहे जाने वाले लोक कवि भिखारी ठाकुर को समर्पित रही। इसके अलावा मालिनी अवस्थी ने सुकमा में शहीद जवानों के लिए, हमरे देशवा के शान वीर जवान, गीत की प्रस्तुति भी दी।