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Jhalawar School Roof Collapse: सिस्टम की लापरवाही ने ली मासूम छात्रों की जान! आखिर जिम्मेदार कौन?

वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Updated Fri, 25 Jul 2025 07:04 PM IST

Jhalawar School Roof Collapse: राजस्थान के झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से भयावह हादसा हुआ। इस हादसे में 8 मासूम बच्चों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल बच्चों को झालावाड़ के अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार स्कूल में हादसा उस वक्त हुआ जब प्रार्थना चल रही थी। हादसे के समय स्कूल के शिक्षक भवन के बाहर थे। जबकि छात्र स्कूल भवन के अंदर प्रार्थना कर रहे थे।

यह हादसा सिर्फ एक निर्माण खामी नहीं था, बल्कि व्यवस्थागत लापरवाही की भयावह मिसाल है। हादसे के बाद स्कूल के 5 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक लापरवाही को उनकी जिम्मेदारी माना है लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या सिर्फ शिक्षकों पर कार्रवाई पर्याप्त है? क्या बड़ी जिम्मेदारी उस सिस्टम की नहीं, जो स्कूलों की हालत पर सही डाटा नहीं जुटा पा रहा?

इस घटना के बाद राज्य सरकार भी हरकत में आ गई है। लेकिन, इस पूरे घटनाक्रम से एक बात साफ है कि यह हादसा पूरे सिस्टम की चूक का परिणाम है। यदि स्कूल प्रशासन ग्रामीणों की चेतावनी को अनदेखा नहीं करता, शिक्षा विभाग ने स्कूल की स्थिति की सही जानकारी रखकर उस दिशा में काम करता तो शायद इन आठ मासूमों और उनके परिवारों को इतने बड़े दुख से दो-चार नहीं होना पड़ता।

इस हादसे की जिम्मेदारी सिर्फ गिरती हुई छत की नहीं, बल्कि उस लचर व्यवस्था की है जो बच्चों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकी। यह केवल एक इमारत की छत नहीं बल्कि उन माता-पिता का भरोसा गिरा है, जो उन्हें सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को भेजते समय होता है। बहरहाल सरकार ने हादसे की जांच का आदेश दे दिया है लेकिन क्या इस बार भी दोषी केवल नीचे के कर्मचारी होंगे या सिस्टम की ऊपरी परतें भी जवाबदारी लेंगी? यह अनुत्तरित है।

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