अभी- अभी आपने जो बयान आपने सुना वो तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का है.. उनके इस्तीफा देते ही उनका ये बयान काफी ज्यादा चर्चा में आ गया है.. आखिर क्यों हो रही है उनके इस बयान की चर्चा हम आपको पूरी बात बता देते हैं.. दरअसल 21 जुलाई की रात अचानक एक चौंकाने वाली खबर सामने आई। इस खबर ने देश की राजनीति में भारी हलचल पैदा कर दी। दरअसल, जगदीप धनखड़ के एक फैसले ने सभी को हैरान कर दिया। जगदीप धनखड़ ने भारत के उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा दे दिया है। जगदीप धनखड़ ने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेजा है। इस्तीफे के पीछे धनखड़ ने 'खराब स्वास्थ्य और चिकित्सा सलाह' का हवाला दिया है।
धनखड़ ने कहा है कि ''मैं संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के अनुसार तत्काल प्रभाव से भारत के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देता हूं।'' फिलहाल हेल्थ ग्राउंड पर दिए गए धनखड़ के इस्तीफे को कोई जल्दी से स्वीकार नहीं कर पा रहा है और कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। विपक्ष ने इस पर बेहद हैरानी जताई है। इस्तीफे से पहले जगदीप धनखड़ संसद सत्र के पहले दिन की कार्यवाही में सामान्य रूप से शामिल हुए थे। इसके बाद वह शाम को विपक्ष के सांसदों से मिले भी। किसी को यह नहीं लगा कि वह इस्तीफा देने जा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि, जगदीप धनखड़ का अचानक इस्तीफा सामान्य नहीं है।
उन्होंने इस्तीफा दिया नहीं है, बल्कि उनसे इस्तीफा लिया गया है, उनके और मोदी सरकार के बीच संबंध ठीक नहीं लग रहे। यह मोदी सरकार की राजनीतिक चाल है। इधर उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे चुके जगदीप धनखड़ का एक बयान बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। धनखड़ का यह बयान उपराष्ट्रपति रहते राजस्थान के एक कार्यक्रम के दौरान का है। तब जगदीप धनखड़ ने उनके ऊपर दिए गए उस बयान का जवाब दिया था। जब राजस्थान के पूर्व सीएम ने यह कहा था कि, वह दबाव में काम कर रहे हैं। जगदीप धनखड़ ने उस समय जो कहा था, वह बयान उनके उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे के बाद अब सुर्खियों में है। जगदीप धनखड़ ने कहा था कि मैं सार्वजनिक रूप से आज उन्हें और सबको आश्वस्त करना चाहता हूं कि मैं न दबाव में रहता हूं, न दबाव देता हूं और न ही दबाव में काम करता हूं और न किसी से दबाव में काम करवाता हूं। जगदीप धनखड़ ने कहा था मेरे बारे में ऐसे बयान देने वालों को चिंतामुक्त हो जाना चाहिए।