इन दिनों मिडिल ईस्ट का तनाव चरम पर है ईरान और इस्राइल के बीच बीते छह दिन से संघर्ष जारी है। हर बीतते दिन के साथ दोनों पुराने दुश्मनों के बीच संघर्ष और तेज होता जा रहा है। इस बीच इजराइल-ईरान संघर्ष गुरुवार को आक्रामक रूप से बढ़ गया. इजराइल ने निकासी की चेतावनी जारी करने के कुछ घंटों बाद ईरान के अराक भारी जल रिएक्टर, एक प्रमुख परमाणु स्थल पर हमला किया. ईरान ने भी मिसाइलों की बौछार कर दी, खबरों की मानें तो एक दक्षिणी इजराइल के सबसे बड़े अस्पताल सोरोका मेडिकल सेंटर पर लगी, जिससे “व्यापक क्षति” हुई है.
सामने आए वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कीस तरह से धुएं का गुब्बार नजर आ रहा है, बरहाल खबरों की मानें तो यह अस्पताल इजरायल के बड़े अस्पतालों में से एक है, जहां करीब 1000 बेड हैं. इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान को इस हमले की कीमत चुकानी होगी. विदेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तेल अवीव के एक अस्पताल के अनुसार, हमलों में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें से तीन गंभीर रूप से घायल हैं. इजरायल का कहना है कि ईरान ने जानबूझकर अस्पताल पर हमला किया है.
खबरों की मानें तो “हमले में प्लूटोनियम उत्पादन के लिए इच्छित घटक को निशाना बनाया गया, ताकि रिएक्टर को बहाल होने और परमाणु हथियार विकास के लिए इस्तेमाल होने से रोका जा सके.” उन्होंने यह भी कहा कि उनके नवीनतम हमलों में 40 लड़ाकू जेट शामिल थे, जिन्होंने दर्जनों सैन्य स्थलों को निशाना बनाया, जिनमें कच्चे माल बनाने वाली फैक्ट्रियां, बैलिस्टिक मिसाइलों को इकट्ठा करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हिस्से और ईरानी वायु रक्षा प्रणाली और मिसाइलों के निर्माण के स्थान शामिल हैं.
वहीं दूसरी तरफ इससे पहले बृहस्पतिवार सुबह इस्राइल ने ईरान के अराक हैवी वॉटर परमाणु रिएक्टर पर हमला किया। हालांकि हमले से लोगों को नुकसान नहीं पहुंचा। एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि किसी भी तरह का विकिरण खतरा नहीं है। रिएक्टर को खाली करा लिया गया और नागरिक इलाकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। इससे पहले इस्राइल ने चेतावनी दी थी कि वह परमाणु रिएक्टर पर हमला करेगा।इसके जवाब में ईरान ने दक्षिण इस्राइल में सोरोका अस्पताल पर हमला किया