ईरान-इस्राइल के बीच बढ़ा तनाव, मिडिल ईस्ट में तबाही का डर सताने लगा है। इस्राइल ईरान में सैन्य अभियान शुरू करने की पूरी तैयारी कर रहा है। जिसके बाद अमेरिका ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे इराक छोड़ दें, क्योंकि अमेरिका को चिंता होने लगी है । दरअसल, अमेरिका को लगता है कि अगर ऐसा हुआ तो ईरान पड़ोसी इराक में कुछ अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है। अमेरिकी विदेश विभाग और सेना ने कहा है कि वो मध्य पूर्व में केवल उन्हीं लोगों को रखेंगे, जिनकी वहां वाकई जरूरत है, क्योंकि परमाणु वार्ता विफल होने के कारण पड़ोसी ईरान के साथ तनाव बढ़ गया है। विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकियों को घर और विदेश दोनों जगह सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। हम अपने सभी दूतावासों में उचित कर्मियों की स्थिति का लगातार आकलन कर रहे हैं। हमारे नवीनतम विश्लेषण के आधार पर, हमने इराक में अपने मिशन के पदचिह्न को कम करने का फैसला किया है। इजरायल की ओर से ये ईरान में हमले हुए तो तेहरान भी पश्चिम एशिया में अमेरिका के ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसकी जमीन पर हमला हुआ तो अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इससे पूरे क्षेत्र में एक बड़ी लड़ाई शुरू होने का अंदेशा पैदा हो रहा है। ये सब तब हो रहा है, जब ईरान और अमेरिका में परमाणु मुद्दे पर बातचीत चल रही है। दोनों पक्षों में रविवार को ओमान में छठें दौर की बातचीत निर्धारित है लेकिन ये टल सकती है। इस बैठक के पटरी से उतरने का डर है।