ईरान और इस्राइल के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। इस्राइल के हमलों के बाद ईरान ने भी पलटवार किया है। ईरान ने सैकड़ों बैलेस्टिक मिसाइलें इस्राइल पर दागी हैं। साथ ही उसने अमेरिका के साथ परमाणु समझौते पर वार्ता से भी इनकार कर दिया है। वहीं, दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के पास अभी भी समय है। हमने ईरान को 60 दिन का अल्टीमेटम दिया था, और आज 61वां दिन था। इससे पहले, शुक्रवार सुबह सुबह आईडीएफ ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं और उसके 20 शीर्ष कमांडर मार गिराए। इस हमले में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख की भी मौत हुई। ईरान ने भी जवाब में इस्राइल पर हमला किया और 100 से ज्यादा ड्रोन दागे। ईरान ने तेल अवीव में भी मिसाइलों से इमारतों को निशाना बनाया है। वहीं, इस्राइल के राष्ट्रीय आपातकालीन चिकित्सा, आपदा, एम्बुलेंस और रक्त बैंक सेवा के मैगन डेविड एडोम ने कहा कि इस्राइल पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले में करीब 22 लोग घायल हुए हैं। दो लोगों की हालत गंभीर बताई गई है। वहीं दो की हालत मध्यम है, जबकि बाकी लोगों को हल्की चोटें आई हैं। हालांकि कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ईरानी हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, वहीं 70 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस्राइल में लोगों ने ईरान की जवाबी कार्रवाई को देखते हुए भोजन-पानी का भंडारण शुरू कर दिया है। विभिन्न माध्यमों से आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि यरूशलम के सुपरमार्केट में सामान तेजी से खाली हो रहा है। देश में आपात सेवा के लिए रक्त भी जमा किया जा रहा है। अस्पताल में भर्ती घर जाने योग्य रोगियों को छुट्टी दी जा रही है। वेस्ट बैंक के सभी फलस्तीनी शहरों में लॉकडाउन लगा दिया गया है।अब तक ईरान ने दो बार में इस्राइल पर लगभग 150 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इस्राइली रक्षा बलों ने जानकारी दी। टाइम्स ऑफ इस्राइल के अनुसार, ईरानी हमले में नौ दुर्घटना स्थलों पर दुर्घटना की सूचना मिली है, जिसमें लगभग 15 लोग घायल हुए हैं।