मिडिल ईस्ट के तनाव के बीच अमेरिकी हमले के विरोध में ईरान की संसद ने होर्मुज जल डमरू मध्य को बंद करने को मंजूरी दे दी है। हालांकि अंतिम निर्णय के लिए शीर्ष सुरक्षा निकाय की मंजूरी जरूरी होगी। फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाले इस संकरे मार्ग से दुनिया में तेल का बड़ा कारोबार होता है। अगर यह बंद हुआ, तो पूरी दुनिया में तेल के भाव बढ़ जाएंगे। और तेल को लेकर संकट भी समाने आएंगे खैर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने चीन से आग्रह किया कि वह ईरान को इस मार्ग को बंद करने से रोके। ऐसे में भारत की चर्चा तेज है भारत के पास कितना तेल भंडार है जिससे अगर ये रास्ता बंद होता भी है तो इसका कितना असर देखने को मिलेगा चलिए बताते है
इस्राइल -ईरान संघर्ष को कई दिन हो चुके हैं। अब ईरान और इजराइल के बीच नौ दिनों से जारी युद्ध ने चिंताजनक मोड़ ले लिया है। इजराइली एयरफोर्स ने देर रात ईरान के शाहरुद में बैलिस्टिक मिसाइल का इंजन बनाने वाली फैक्ट्री पर बमबारी की। वहीं अब इसपर विदेश मामलों के विशेषज्ञ सुशांत सरीन ने बात कहीं सुनिए...
ईरान और इस्राइल की जंग के बीच अमेरिका ने रविवार (22 जून) की सुबह ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों फोर्डो, नतांज और एस्फाहान पर हमला कर दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन्हें पूरी तरह से तबाह करने का दावा किया. वहीं इस हमले के बाद पाकिस्तान की जनता में रोष देखने को मिल रहा है, लोग सड़कों पर उतर आए और ट्रंप को जमकर सुनाते दिखे.
सांसदों ने खाद्य सामग्री के आयात पर भारत की निर्भरता को लेकर चिंता जताई थी। इसका जवाब देते हुए सरकार ने बताया कि पिछले एक दशक में दालों और खाद्य तेलों के उत्पादन में पहले की तुलना में वृद्धि हुई है।