पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के स्वरूप नगर क्षेत्र में स्थित हकीमपुर अंतरराष्ट्रीय सीमा इन दिनों एसआईआर अभियान के कारण तनाव और हलचल के केंद्र में बदल गई है। सुबह करीब 11.30 बजे बीएसएफ चेकपोस्ट के बाहर भारी भीड़ दिखाई दी महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और पुरुष, ज्यादातर अपने चेहरों को ढके हुए, पास में बंधी गठरियों के साथ चुपचाप बैठे हुए। लंबे समय से भारत के विभिन्न राज्यों दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, असम, झारखंड और कर्नाटक में रह रहे अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों पर एसआईआर दबाव बढ़ने के बाद उनका रुख अब सीमा की ओर हो गया है।
हकीमपुर में सोनाई नदी प्राकृतिक सीमा बनाती है, और चेकपोस्ट से करीब 500 मीटर पहले सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। बीएसएफ के जवान हर एक शख्स और सामान की बारीकी से जांच कर रहे हैं। दलालों के सहारे रात के अंधेरे में बिना कागजात भारत में दाखिल हुए लोग अब दिन के उजाले में वापस धकेले जा रहे हैं। अनुमान है कि अब तक 15,000 से अधिक लोगों को पुश-बैक किया जा चुका है। लोगों के चेहरों पर पसरा खौफ और अनिश्चितता इस पूरे अभियान की गंभीरता और प्रभाव को साफ बयां करता है।