पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जो जवाबी कार्रवाई की, उसे इतिहास में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम से याद किया जाएगा। यह न केवल एक सैन्य ऑपरेशन था, बल्कि एक टेक्नोलॉजिकल और स्ट्रैटेजिक मास्टरप्लान भी था, जिसमें भारत की अंतरिक्ष एजेंसी ISRO (इसरो) ने सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया।
इसरो ने अपने उपग्रहों की मदद से सेना को वह आंखें दीं, जिनसे दुश्मन की हर हरकत को रात-दिन, बादलों के बीच और जमीन के नीचे तक ट्रैक किया गया। सेना ने पाकिस्तान के 11 एयरबेसों को एक ही बार में ध्वस्त कर दिया, और इसकी सफलता में अंतरिक्ष से मिली खुफिया जानकारी का बहुत बड़ा योगदान रहा।
एक रिपोर्ट के अनुसार, ISRO प्रमुख वी. नारायणन ने खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कम से कम 10 उपग्रह पाकिस्तान की हरकतों पर चौबीसों घंटे नजर रख रहे थे। उन्होंने कहा, “देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपग्रहों का एक समर्पित समूह काम कर रहा है। हमें न सिर्फ सीमाओं पर बल्कि 7,000 किलोमीटर से अधिक समुद्री तट की भी निगरानी करनी होती है।”
यह निगरानी जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, पंजाब और गुजरात के सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित नहीं थी, बल्कि समुद्र में चीन-पाकिस्तान की साझा गतिविधियों को भी कवर कर रही थी।