कोई एग्जाम देने जा रहा था, कोई पहली बार अकेले सफर कर रहा था, कोई तीन साल की बच्ची को गोद में लेकर लाइन में खड़ा था। यह मंजर आईजीआई का है। जहां सिर्फ उड़ानें नहीं फंसीं, बल्कि लोगों की उम्मीदें भी फंस गई हैं। इन सबके बीच इंडिगो की लगातार कैंसिल फ्लाइटें और टिकटों के दाम में मनमानी करीब 120 फीसदी तक बढ़ोतरी यात्रियों की मुसीबतें और भी बढ़ा रही हैं। आलम यह है कि लोग दिल्ली की इस ठंड में कुर्सी पर रात बिताने को मजबूर हैं। इसके चलते उनका गुस्सा भी सातवें आसमान पर है। हालांकि सरकार के हस्तक्षेप के बाद प्रभावित रूट्स पर फेयर कैप लागू कर दिया। उम्मीद है कि इससे राहत मिलेगी।इंडिगो के फ्लाइट लगातार कैंसिल होने से देशभर में हवाई किरायों में अचानक भारी उछाल आ गया था। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई रूट्स पर टिकट दाम 8-10 गुना तक पहुंच गए। इसके बाद सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी प्रभावित रूट्स पर फेयर कैप लागू कर दिया। शनिवार दोपहर केंद्र ने औपचारिक रूप से किराया सीमा तय कर दी, ताकि मौके का फायदा उठाकर बढ़ाई जा रही ‘ओपर्च्युनिस्टिक प्राइसिंग’ पर तुरंत रोक लग सके।
रूट-वाइज स्थिति में उतार-चढ़ाव-
दिल्ली–पटना
5 दिसंबर: कोई सीधी फ्लाइट उपलब्ध नहीं, किराए रिकॉर्ड स्तर पर।
6 दिसंबर: एयर इंडिया एक्सप्रेस और स्पाइसजेट के टिकट 24,999 से 40,483 रुपये में।
7 दिसंबर: एयर इंडिया की फ्लाइट्स का किराया घटकर 17,273 रुपये तक।
पटना–दिल्ली:
6 दिसंबर को इंडिगो की 5 फ्लाइट 19,000 से 25,000 रुपये में।
6 और 7 दिसंबर के लिए किराया 11,032 से 21,316 रुपये, संकट वाले दिनों से काफी कम।
मुंबई–पटना
6 दिसंबर को स्पाइसजेट की सीधी उड़ान 36,333 रुपये में।
7 दिसंबर को सीधी सेवा 21,109 रुपये तक सस्ती।
एक स्टॉप वाली फ्लाइट्स 42,347 से 86,733 रुपये के बीच।
बेंगलुरु–पटना
5 दिसंबर को किराया 72,000 रुपये पार कर गया था।
6 दिसंबर को इंडिगो की सीधी सेवा 11,280 और 23,040 रुपये में उपलब्ध।
7 दिसंबर को एयर इंडिया एक्सप्रेस की सीधी फ्लाइट 24,999 रुपये में।
दिल्ली/मुंबई–दरभंगा
6 और 7 दिसंबर को दिल्ली–दरभंगा का किराया 18,785 से 24,105 रुपये।
एक स्टॉप वाली फ्लाइट्स 51,000 से 71,000 रुपये तक।
मुंबई और बेंगलुरु से दरभंगा 23,000 से 70,000 रुपये, 5 दिसंबर के 64,000 रुपये की तुलना में कुछ राहत।
क्यों हो रही हैं इतनी फ्लाइटें कैंसल?
नवंबर-दिसंबर में एयरलाइंस के लिए यह साल का सबसे व्यस्त समय माना जाता है। डीजीसीए की 2024 की रिपोर्ट बताती है कि बीते एक साल में मौसम, स्टाफ की कमी और टेक्निकल खामियों की वजह से 2,900 से ज्यादा फ्लाइटें कैंसल हुईं। सिर्फ नवंबर 2024 में ही 1.2 लाख यात्रियों को फ्लाइट देरी-कैंसलेशन का सामना करना पड़ा। वहीं इस बार इंडिगो ने तकनीकी कारण और ऑपरेशनल दिक्कतें बताकर कई उड़ानें रोकी हैं, पर यात्रियों को समय पर जानकारी न मिलना सबसे बड़ी परेशानी बन रहा है।