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India-Bangladesh Border Fencing: बंगाल में घुसपैठिए पर शुभेंदु सरकर का बड़ा एक्शन, फेंसिंग का काम होगा शुरू!

Thu, 21 May 2026 03:30 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने कहा, "हमारी सरकार का नीति, नियत एकदम स्पष्ट है राष्ट्र सर्वोपरि। इस मंत्र को सामने रखते हुए हमारी सरकार ने तय किया है कि बंगाल में जो भूमि पिछली सरकार ने नहीं दिया था जिसके कारण BSF फेंसिंग नहीं कर पाई और लगभग 550 किलोमीटर का लंबा इलाका बिना फेंसिंग के रह गया जिससे घुसपैठ हो रही थी.हमारी सरकार ने आज लगभग 27 किलोमीटर लंबा जमीन BSF का दे दिया है जिस पर फेंसिंग बनाई जाएगी।"

सुकांता मजूमदार ने पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा और घुसपैठ के मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीति और नीयत पूरी तरह स्पष्ट है तथा “राष्ट्र सर्वोपरि” के सिद्धांत को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली राज्य सरकारों की उदासीनता और प्रशासनिक बाधाओं के कारण भारत-बांग्लादेश सीमा के कई हिस्सों में वर्षों तक बाड़बंदी नहीं हो सकी, जिससे अवैध घुसपैठ, तस्करी और सीमा पार अपराधों की घटनाएं बढ़ती रहीं। मजूमदार के अनुसार पश्चिम बंगाल में लगभग 550 किलोमीटर का ऐसा संवेदनशील सीमा क्षेत्र था जहां भूमि अधिग्रहण और प्रशासनिक अनुमति न मिलने के कारण Border Security Force फेंसिंग का कार्य पूरा नहीं कर पा रही थी। 

उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार ने इस समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाया है और लगभग 27 किलोमीटर लंबी जमीन बीएसएफ को सौंप दी गई है ताकि वहां शीघ्र बाड़बंदी का निर्माण किया जा सके। उनके मुताबिक यह कदम केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए नहीं बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि बिना फेंसिंग वाले इलाकों का फायदा उठाकर अवैध घुसपैठिए भारत में प्रवेश करते थे, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा पैदा होता था और कई बार अपराध तथा तस्करी की घटनाएं भी बढ़ जाती थीं। 

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी और जहां-जहां आवश्यकता होगी वहां आधुनिक तकनीक, निगरानी व्यवस्था और फेंसिंग का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि पहले राजनीतिक कारणों से बीएसएफ को आवश्यक सहयोग नहीं दिया गया, लेकिन अब केंद्र सरकार राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देते हुए तेजी से फैसले ले रही है। इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सीमा सुरक्षा, घुसपैठ और बीएसएफ की भूमिका को लेकर बहस तेज हो गई है। भाजपा इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रही है, जबकि विपक्षी दलों का कहना है कि सीमा प्रबंधन केंद्र और राज्य दोनों की साझा जिम्मेदारी है। फिर भी सरकार का दावा है कि नई फेंसिंग बनने के बाद घुसपैठ और अवैध गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।

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